नीमच। सड़क पर वाहन चलाते समय किसी का पद, पहचान या रसूख नहीं, बल्कि यातायात नियम ही सर्वोपरि होंगे। बुधवार को चोपड़ा चौराहे पर लगी मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई ने शहर में यही स्पष्ट संदेश दिया। न्यायाधीशों की मौजूदगी में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की जांच की गई और नियम टूटने पर चालानी कार्रवाई की गई। खास बात यह रही कि कार्रवाई के दौरान किसी के पद,विभाग या पहचान को तवज्जो नहीं दी गई। मोबाइल कोर्ट के दौरान आम नागरिकों के साथ सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों से जुड़े वाहनों की भी जांच की गई। बिना हेलमेट वाहन चलाने, दोपहिया पर तीन सवारी बैठाने, वाहनों में अवैध रूप से हूटर लगाने और चार पहिया वाहनों में ब्लैक फिल्म का इस्तेमाल करने जैसे मामलों में कार्रवाई की गई।
हूटर हटाए, ब्लैक फिल्म भी उतरवाई
चालानी कार्रवाई के साथ चार पहिया वाहनों पर अवैध रूप से लगी ब्लैक फिल्म भी हटवाई गई। वहीं नियमों के विपरीत लगाए गए हूटर भी निकलवाए गए। मोबाइल कोर्ट के माध्यम से संबंधित मामलों में समन शुल्क भी लगाया गया।
‘नियम सभी के लिए समान’
यातायात प्रभारी मलखान सिंह परमार ने कहा कि यातायात नियम सभी के लिए समान हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर किसी भी व्यक्ति को उसकी पहचान या पद के आधार पर छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस अधिकारी या कर्मचारी भी नियम तोड़ता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी सौरभ शर्मा, यातायात पुलिस बल सहित पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई ने शहर में यह संदेश दिया कि सड़क पर पहचान नहीं, यातायात नियम ही सर्वोपरि हैं।