नीमच। शहर के हायर सेकेंडरी स्कूल के खेल मैदान को बचाने की मांग को लेकर मैदान बचाओ समिति का धरना प्रदर्शन बुधवार को 10वें दिन भी जारी रहा। आज के धरने की जिम्मेदारी मुफद्दल टाइगर्स क्रिकेट क्लब ने संभाली। मूर्तजा डेरकी की अगुआई में क्रिकेट खिलाड़ियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर मैदान बचाने की मांग को अपना समर्थन दिया।
धरना स्थल पर आज माहौल देशभक्ति से सराबोर नजर आया। खिलाड़ियों और उपस्थित लोगों ने “ऐ मेरे वतन के लोगों”, “वंदे मातरम्-वंदे मातरम्” सहित कई देशभक्ति गीतों का गायन किया। देशभक्ति के स्वरों के बीच खिलाड़ियों ने मैदान को सुरक्षित रखने के अपने संकल्प को दोहराया।
“यह सिर्फ खिलाड़ियों का मुद्दा नहीं” — मूर्तजा डेरकी
इस अवसर पर मूर्तजा डेरकी ने कहा कि मैदान बचाने की यह लड़ाई केवल कुछ खिलाड़ियों का मुद्दा नहीं है, बल्कि इस मैदान से शहर के अधिकांश लोगों का वर्षों पुराना जुड़ाव है। रोजाना बड़ी संख्या में शहरवासियों की दिनचर्या किसी न किसी रूप में इस मैदान से जुड़ी हुई है। बच्चे हों या युवा, महिलाएं हों या पुरुष, बुजुर्ग हों या अन्य नागरिक—हर वर्ग इस खुले मैदान का उपयोग करता है और इससे उसका सीधा जुड़ाव है।
उन्होंने कहा कि शहर की आबोहवा और पर्यावरण के लिहाज से भी इतना बड़ा खुला स्थान बेहद जरूरी है। शहर में लगातार बढ़ते निर्माण के बीच बचे हुए खुले स्थानों को सुरक्षित रखना आज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लोगों के वर्षों से चले आ रहे इस सहज उपयोग और खुले स्थान के अधिकार को खत्म करना केवल मैदान को खोना नहीं, बल्कि शहरवासियों की जीवनशैली और उनके सुखाधिकार को प्रभावित करना भी है।
डेरकी ने कहा, “आज यदि हमने इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया और मैदान को सुरक्षित नहीं रखा, तो आने वाला समय हमारी पीढ़ी को जरूर कोसेगा कि जब शहर के पास अपना इतना बड़ा खुला मैदान बचाने का मौका था, तब हम चुप क्यों रहे।”
देशभक्ति के गीतों के साथ बुलंद हुई मैदान बचाने की आवाज
मूर्तजा डेरकी की अगुआई में खिलाड़ियों ने कहा कि खेल मैदान केवल क्रिकेट या किसी एक खेल तक सीमित नहीं है। यह बच्चों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा स्थान होने के साथ-साथ आम शहरवासियों के लिए भी महत्वपूर्ण सार्वजनिक खुला स्थान है।
आज के धरने में राहुल शर्मा, शाहरुख खान, अशरफ कुरैशी, शब्बीर खेड़ीवाला, सुमित लामा, विनोद खोरवाल, मोहम्मद शक्करवाला, अब्बास हकीमजी, अजीज राणा, विक्रम अंब, फरदीन खान, हुजैफा अरविवाला और मोहसिन कुरैशी सहित क्लब के खिलाड़ी मौजूद रहे।
दस दिन से जारी है आंदोलन
मैदान बचाओ समिति द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को बुधवार को दस दिन पूरे हो गए। इससे पहले अलग-अलग दिनों में विभिन्न क्रिकेट और फुटबॉल टीमों ने धरने की जिम्मेदारी संभाली है। बारिश हो या त्योहार, आंदोलन लगातार जारी रहा है।
समिति की मुख्य मांग है कि हायर सेकेंडरी स्कूल के इस बड़े और महत्वपूर्ण खेल मैदान को मैदान के रूप में ही सुरक्षित रखा जाए। समिति का कहना है कि यह मैदान खिलाड़ियों के साथ-साथ आम शहरवासियों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। खेल, स्वास्थ्य, खुली हवा और शहर की आबोहवा के लिहाज से इसका संरक्षण जरूरी है।
दसवें दिन देशभक्ति के गीतों के बीच खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपना संदेश दोहराया—यह लड़ाई केवल मैदान बचाने की नहीं, बल्कि नीमच की आने वाली पीढ़ियों के लिए खुले और स्वस्थ शहर को सुरक्षित रखने की लड़ाई है।