नीमच। शहर के हायर सेकेंडरी स्कूल के खेल मैदान को बचाने की मांग को लेकर चल रहा मैदान बचाओ संघर्ष समिति का धरना प्रदर्शन गुरुवार को ग्यारहवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के इस चरण में लाल साई क्रिकेट ग्रुप ने धरने की जिम्मेदारी संभाली। शुभम मेहरा की कप्तानी में खिलाड़ियों ने शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से धरना देते हुए मैदान को बचाने की मांग को अपना समर्थन दिया।
धरना स्थल पर खिलाड़ियों की मौजूदगी ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि मैदान बचाने की मुहिम अब केवल किसी एक टीम या संगठन तक सीमित नहीं है। अलग-अलग क्रिकेट समूह लगातार अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए एकजुटता के साथ धरने में शामिल हो रहे हैं।
कप्तान के साथ पूरी टीम मैदान बचाने के लिए उतरी
आज के धरने में शुभम मेहरा, तरुण मालानी, राकेश तलेरेजा, जितेन्द्र परवानी, तुषार पाहुजा, अक्षत रोहिरा, विशाल गोपलानी, मोहनीश गोराना, बिट्टू मेहरा और गौरव मेहरा ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
खिलाड़ियों ने धरना स्थल से आमजन से भी अपील की कि शहर के इस महत्वपूर्ण खुले खेल मैदान को बचाने के लिए हर नागरिक अपनी भूमिका निभाए। उनका कहना रहा कि मैदान केवल खिलाड़ियों के अभ्यास और खेल के लिए नहीं, बल्कि बच्चों, युवाओं और आम शहरवासियों से जुड़ा सार्वजनिक स्थान है।
शांतिपूर्ण आंदोलन, लेकिन संकल्प मजबूत
ग्यारह दिनों से जारी धरने में समिति और खिलाड़ियों की ओर से लगातार शांतिपूर्ण एवं गांधीवादी तरीके से अपनी मांग रखी जा रही है। अलग-अलग खेल टीमों द्वारा बारी-बारी से धरने की जिम्मेदारी संभालना आंदोलन के प्रति खेल जगत की एकजुटता को दर्शा रहा है।
खिलाड़ियों ने कहा कि आमजनों के सहयोग और समर्थन से ही यह संघर्ष लगातार आगे बढ़ रहा है। जब तक मैदान को लेकर उनकी मांग पर ठोस समाधान नहीं होता, तब तक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने का सिलसिला जारी रहेगा।
मांग एक ही—मैदान बचाओ
मैदान बचाओ संघर्ष समिति की मांग है कि हायर सेकेंडरी स्कूल के बड़े खेल मैदान को मैदान ही रहने दिया जाए। समिति का कहना है कि यह स्थान खेल गतिविधियों के साथ-साथ शहरवासियों के लिए खुले वातावरण, स्वास्थ्य और बेहतर आबोहवा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
ग्यारहवें दिन लाल साई क्रिकेट ग्रुप के खिलाड़ियों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराकर साफ कर दिया—टीमें बदल सकती हैं, धरने की जिम्मेदारी बदल सकती है, लेकिन मैदान बचाने की मांग और संकल्प वही है।