नीमच। ज्ञान और संस्कारो की मूरत शिक्षिका "पुष्पांजलि" मैम को शिक्षक दिवस पर अनूठा नमन शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर शिक्षा और गुरु शिष्य के पवित्र रिश्ते को बयां करती एक आत्मीक स्चना । अंग्रेजी विषय की विदुषी शिक्षिका और मार्गदर्शिका "पुष्पांजलि" " मेम को उनकी स्नेही छात्रा मेहनाज दायमा ने अपने भावपूर्ण शब्दों के जरिए अनूठा सम्मान अर्पित किया है "शिक्षिका के नाम "पुष्पांजलि" के शाब्दिक और आत्मीय अर्थ की गहराई को उकेरते हुए छात्रा ने उनके व्यक्तित्व को एक जीवंत दर्शन बताया है।" " पुष्प" (पवित्रता और सौरभ )- आपके अन्तः करण की वह अकलुष और पावन पवित्रता है, जिसकी सौरभमय छांव मात्र से हमारे जीवन का आंगन संस्कारित और पर पल्लवित होता है। आपकी वैचारिक उत्कृष्टता हमारे लिए उस मकरंद के समान है जो हमे सदा श्रेष्ठता का बोध कराती है।
 "आंजलि" (वात्सल्य और समर्पण)- आपके वात्सल्य और प्रज्ञा का वह अनंत और खुला हुआ पात्र है, जिसे आप निरंतर ज्ञान, दान, समर्पण और लोक कल्याण के लिए समर्पित रखती है। आपकी यह करुणा-अंजलि हम अज्ञानियों के जीवन को आलोकित करने का शास्वत स्त्रोत है। आप केवल मेरी अंग्रेजी की विदुषी शिक्षिका नहीं है, अपितु मेरे भौतिक क्षितिज को विस्तारित करने वाली वह महान शिल्पकार है, जिन्होने मुझे अक्षरों से परे जीवन की सार्थकता समझाई है। शिक्षक दिवस के इस पावन पर्व पर आपके चरणो मे मेरी कृतज्ञता के से श्रृद्धा सुमन सर्वस्व समर्पित है।
आपकी स्नेही छात्रा मेहनाज दायमा (शिक्षिका) 
नयागांव, नीमच