नीमच। शहर के खुले मैदान को बचाने के लिए मैदान बचाओ समिति का आंदोलन लगातार जोर पकड़ता जा रहा है। शनिवार को आंदोलन के 14वें दिन मॉर्निंग क्रिकेट क्लब ने धरने में सहभागिता करते हुए मैदान के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। सुनील जैन के नेतृत्व में खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों ने भारतमाता चौराहे पर धरना देकर मैदान को बचाने की मांग दोहराई।
धरने के दौरान माहौल उस समय जोशीला हो गया, जब खिलाड़ियों ने “लड़ेंगे-जीतेंगे” और “खिलाड़ी एकता जिंदाबाद” जैसे नारों के साथ अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। भारतमाता चौराहा काफी देर तक खिलाड़ियों की बुलंद आवाजों से गूंजता रहा।
मॉर्निंग क्रिकेट क्लब की ओर से सुनील जैन, सोनू शर्मा, संतोष कोटवानी, दिनेश श्रीवास्तव, संजय सक्सेना, रोहित खंडेलवाल, मनोज जैन, राजेंद्र पामेचा और मनीष सिंघले सहित अन्य खेलप्रेमियों ने धरने में सहभागिता की।
मैदान सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं, खिलाड़ियों की पहचान
धरने में वक्ताओं ने कहा कि शहर के खुले मैदान बच्चों, युवाओं और खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे मैदान खेल गतिविधियों के साथ-साथ शहर के वातावरण और नागरिकों के लिए भी जरूरी हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि मैदान बचाने की लड़ाई किसी एक व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि पूरे शहर के खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों की लड़ाई है।
40 दिन के आंदोलन के बावजूद गंभीरता नहीं समझे जिम्मेदार, अब होगी ‘सद्बुद्धि’ की प्रार्थना
मैदान बचाओ समिति का आंदोलन लगातार आगे बढ़ रहा है। समिति का कहना है कि लगातार 40 दिनों तक आंदोलन चलने के बावजूद यदि जिम्मेदारों को मैदान के संरक्षण और शहर की जरूरत की गंभीरता समझ नहीं आ रही है, तो अब आंदोलन के तहत एक अलग तरीके से अपनी बात रखने का निर्णय लिया गया है।
इसी क्रम में रविवार को दोपहर 12 बजे धरना स्थल पर सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। समिति के अनुसार यज्ञ के माध्यम से जिम्मेदारों को सद्बुद्धि प्रदान करने और शहर के खुले मैदान को बचाने की प्रार्थना की जाएगी।
समिति का कहना है कि यह कदम किसी के विरोध मात्र के लिए नहीं, बल्कि शहर के भविष्य, खिलाड़ियों, बच्चों और पर्यावरण के लिए खुले मैदान को सुरक्षित रखने की मांग को जिम्मेदारों तक और मजबूती से पहुंचाने का प्रयास है।
आंदोलन के 14वें दिन भी खिलाड़ियों ने साफ संदेश दिया कि मैदान बचाने की मांग को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा। धरने में मौजूद खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों के बीच एक ही स्वर सुनाई दिया—मैदान बचाना है, तो मिलकर आवाज उठानी होगी।
“लड़ेंगे-जीतेंगे… खिलाड़ी एकता जिंदाबाद” के नारों के साथ शनिवार का धरना समाप्त हुआ, लेकिन मैदान बचाओ आंदोलन का संघर्ष जारी है। अब रविवार को होने वाला सद्बुद्धि यज्ञ आंदोलन के अगले चरण के रूप में देखा जा रहा है।