नीमच जिले के मनासा तहसील के खजूरी गांव में खराब व्यवस्थाओं की तस्वीर सामने आई है। यहां 80 साल के राधाकिशन पाटीदार की मौत के बाद अंतिम संस्कार करते समय तेज बारिश शुरू हो गई। मुक्तिधाम में पक्का शेड नहीं होने के कारण परिवार और ग्रामीणों को हाथों में तिरपाल पकड़कर चिता को बारिश से बचाना पड़ा।अंतिम यात्रा जब मुक्तिधाम पहुंची, उसी समय बारिश होने लगी। मुक्तिधाम में बारिश से बचाव के लिए शेड नहीं था, जिससे ग्रामीणों को परेशानी हुई। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने के लिए लोगों ने चारों तरफ से तिरपाल पकड़कर चिता को ढकने की कोशिश की। बारिश के बीच तिरपाल पकड़े खड़े ग्रामीणों की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सुर्खियों में है। ये तस्वीरें ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठा रही हैं। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि मुक्तिधाम जैसी बुनियादी सुविधा हर गांव में होनी चाहिए। अंतिम संस्कार के समय परिवार पहले ही दुखी होता है, ऐसे में बारिश से बचाव के लिए ग्रामीणों को खुद तिरपाल लेकर खड़ा होना व्यवस्था की कमी दिखाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत से मांग की है कि खजूरी गांव के मुक्तिधाम में जल्द पक्का शेड और जरूरी सुविधाएं दी जाएं। ताकि भविष्य में किसी परिवार को अंतिम विदाई के समय ऐसी परेशानी न हो। बारिश में तिरपाल पकड़े ग्रामीणों की यह तस्वीर अब गांव की सुविधा व्यवस्था और विकास के दावों पर सवाल उठा रही है।