नीमच, 4 सितंबर 2026, नीमच जिला अब पारंपरिक कृषि एवं व्यापार आधारित अर्थव्यवस्था के साथ-साथ तेजी से उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान बना रहा है। पिछले दो वर्षों में जिले में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से निवेश, उत्पादन, उद्यमिता और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों, सुगम औद्योगिक प्रक्रियाओं और रोजगार सृजन पर केंद्रित प्रयासों का प्रभाव अब जिलों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जिले में पिछले दो वर्षों में 350 से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं। इन इकाइयों में 350 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है तथा 8 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। औद्योगिक गतिविधियों में इस विस्तार का सकारात्मक प्रभाव परिवहन, निर्माण, स्थानीय आपूर्ति, व्यापार और सेवा क्षेत्र पर भी दिखाई दे रहा है।
नए औद्योगिक क्षेत्रों से निवेश के लिए बढ़े अवसर नीमच जिले में औद्योगिक अधोसंरचना के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सगराना और पीताखेड़ी में नए औद्योगिक क्षेत्रों को मंजूरी मिल चुकी है। इन क्षेत्रों में निवेशकों के लिए 400 से अधिक औद्योगिक भूखंड उपलब्ध होंगे। इससे आने वाले समय में नए उद्योगों की स्थापना और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए व्यापक संभावनाएं निर्मित होंगी। राज्य की क्लस्टर विकास योजना के अंतर्गत केसरपुरा एवं सगराना क्लस्टर तैयार हो चुके हैं, जबकि ग्राम दारू में क्लस्टर विकास का कार्य प्रगतिरत है। क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास से स्थानीय उद्यमियों को साझा अधोसंरचना, बाजार और तकनीकी सुविधाओं का लाभ मिलने की संभावना है।
7 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव,नीमच के औद्योगिक भविष्य को लेकर बड़े निवेशकों का भरोसा भी मजबूत हुआ है। एमपीआईडीसी द्वारा गोल्ड क्रेस्ट सीमेंट, सनलाइट एल्कोलाइट, स्वराज शूटिंग, सुविधा रियॉन, विश्वेश्वरया डेनिम्स, बाबजी इंडस्ट्री, डिटलमाइंड इंडिया, सोनियाना टेक्सटाइल, धानुका बायोटेक, बिगासी रिन्यूवल और शर्मा केमिकल्स सहित विभिन्न प्रस्तावित औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया की गई है। इन प्रस्तावित इकाइयों के माध्यम से 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक का संभावित निवेश और 6 हजार से अधिक नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित निवेश से जिले के औद्योगिक आधार में विविधता आएगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को दीर्घकालीन मजबूती मिलेगी।
एमएसएमई को मिला वित्तीय संबल
स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने एवं मौजूदा इकाइयों के विस्तार के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में एमएसएमई इकाइयों को बैंकों के माध्यम से 1081 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2025-26 में 1276 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत वर्ष 2023-24 से अब तक 812 हितग्राहियों को 67.34 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया है। इससे जिले के युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला है।
तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ रहे स्थानीय उद्यमी
औद्योगिक विकास को प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ बनाने के लिए जिले के उद्यमियों को तकनीकी प्रशिक्षण तथा राष्ट्रीय स्तर के बाजारों से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। रैम्प योजना के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के चार उद्यमियों को सीएफटीआरआई, मैसूर भेजा गया, जबकि एक उद्यमी को कोयंबटूर में आयोजित प्लास्टिक एक्सपो में सहभागिता का अवसर मिला।
वहीं मोरका (जावद) औद्योगिक क्षेत्र में 15 उद्यमियों को ऑनलाइन एवं पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से औद्योगिक भूखंड आवंटित किए गए हैं। इससे औद्योगिक भूमि आवंटन में पारदर्शिता के साथ निवेशकों के विश्वास को भी मजबूती मिली है।
निवेश हितैषी वातावरण बनाने में जिला प्रशासन की सक्रिय भूमिका
राज्य शासन की औद्योगिक एवं निवेश नीतियों को जिले में प्रभावी रूप से लागू करने में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने,विभागीय समन्वय और उद्यमियों की आवश्यकताओं के त्वरित निराकरण पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।
प्रशासन के इन प्रयासों का उद्देश्य जिले में उद्योगों की स्थापना को सुगम बनाना, स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना तथा युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।
नीमच बन रहा निवेश और रोजगार का नया केंद्र
नीमच में औद्योगिक विकास की वर्तमान तस्वीर जिले की बदलती आर्थिक संभावनाओं को रेखांकित करती है। 350 से अधिक नई औद्योगिक इकाइयां, 350 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और 8 हजार से अधिक रोजगार आज की उपलब्धि हैं, जबकि 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश और 6 हजार से अधिक संभावित रोजगार आने वाले औद्योगिक विस्तार की मजबूत संभावनाओं को दर्शाते हैं।
औद्योगिक अधोसंरचना के विस्तार, एमएसएमई को वित्तीय सहयोग, क्लस्टर विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और पारदर्शी औद्योगिक भूखंड आवंटन जैसे प्रयास नीमच को नई औद्योगिक दिशा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में तैयार किए जा रहे निवेश-अनुकूल वातावरण और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से नीमच निवेश, उत्पादन, उद्यमिता और रोजगार के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।