नीमच: मध्य प्रदेश के नीमच जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश व्यास ने कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर नकेल कसने के लिए एक बड़ा दांव खेला है। राजस्थान बॉर्डर से सटे और संवेदनशील पठाड़ क्षेत्र के सिंगोली थाने की कमान अब जिले के तेजतर्रार और दबंग इंस्पेक्टर शिव रघुवंशी को सौंपी गई है। इस तैनाती के साथ ही इलाके के अपराधियों और खासकर डोडाचूरा व अफीम तस्करों के खेमे में भारी खलबली मच गई है।

क्यों खास है सिंगोली थाना और इंस्पेक्टर रघुवंशी की यह तैनाती?

 अफीम तस्करी का संवेदनशील गढ़: -
सिंगोली क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से राजस्थान की सीमा से सटा हुआ है और लंबे समय से अफीम और डोडाचूरा की अवैध तस्करी के लिए कुख्यात माना जाता रहा है।

 रघुवंशी की बेखौफ छवि: - इंस्पेक्टर शिव रघुवंशी अपनी दबंग कार्यशैली और मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ की जाने वाली ताबड़तोड़ कार्रवाई के लिए खाकी महकमे में अलग पहचान रखते हैं। तस्करों में खौफ: पूर्व में मनासा, नयागांव में उनके द्वारा की गई सख्त और तगड़ी कार्रवाई के रिकॉर्ड को देखते ही अपराधियों और तस्करों के बीच उनका नाम काफ़ी चर्चा में रहता है।

माफियाओं पर कसेगा शिकंजा:- एसपी राजेश व्यास द्वारा बॉर्डर के इस बेहद अहम थाने में इंस्पेक्टर शिव रघुवंशी को बैठाए जाने को पुलिस की एक बड़ी रणनीति माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और जानकारों का मानना है कि इस नियुक्ति से अंतरराज्यीय तस्करों के नेटवर्क को करारा झटका लगेगा और अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी फिलहाल, इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद से ही सिंगोली और आसपास के इलाकों में तस्करों भूमिगत होने लगे हैं, जबकि आम जनता और पुलिस महकमे में इस सख्त कदम की सराहना हो रही है।
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