नीमच। भाटखेड़ा स्थित राधा देवी रामचंद्र मंगल कॉलेज में सोमवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। कॉलेज परिसर में आयोजित इस विशेष समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को समर्पित कार्यक्रम में भक्ति, संस्कृति और विद्यार्थियों की प्रतिभा का सुंदर संगम देखने को मिला। पूरे आयोजन के दौरान कॉलेज परिसर कृष्णमय नजर आया तथा विद्यार्थियों की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम की गरिमा और भव्यता को बढ़ा दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा श्रीकृष्ण के जीवन, उनकी लीलाओं एवं भारतीय संस्कृति से जुड़े विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विद्यार्थियों ने नृत्य एवं संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों और उनके संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो उठा और विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भगवान श्रीकृष्ण की आराधना में सहभागिता की।
जन्माष्टमी उत्सव के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। श्रीकृष्ण की जीवन लीलाओं एवं उनके व्यक्तित्व पर आधारित प्रश्नोत्तरी में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वहीं रंगोली एवं बांसुरी सजाओ जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन गतिविधियों में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को और अधिक जीवंत बना दिया।
आयोजन का विशेष आकर्षण मटकी फोड़ प्रतियोगिता रही। मटकी फोड़ को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने सामूहिक सहभागिता एवं टीम भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया। जैसे ही प्रतिभागियों ने मटकी फोड़ने का प्रयास किया, पूरा कॉलेज परिसर तालियों एवं श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। मटकी फोड़ प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों में उत्साह, उमंग और आपसी सहयोग की भावना को और मजबूत किया।
इस अवसर पर कॉलेज के चेयरमैन श्री संजय मंगल ने विद्यार्थियों को श्रीकृष्ण के जीवन एवं उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन कर्म, कर्तव्य, धैर्य, विवेक और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में शिक्षा के साथ संस्कार, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का भी महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने के साथ उनकी प्रतिभा को अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि कॉलेज में विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी सक्रिय सहभागिता के अवसर दिए जाते हैं, जिससे उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास हो सके। जन्माष्टमी समारोह में विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता इस बात का प्रमाण रही कि विद्यार्थी शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े आयोजनों में भी पूरी रुचि के साथ भाग लेते हैं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की महा आरती की गई। विद्यार्थियों एवं कॉलेज परिवार ने श्रद्धापूर्वक आरती में सहभागिता की। इसके पश्चात विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों को प्रसाद वितरित किया गया। कॉलेज प्रशासन एवं स्टाफ के सहयोग से आयोजित जन्माष्टमी समारोह में विद्यार्थियों की व्यापक सहभागिता, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भक्तिमय वातावरण ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।