नीमच / नीमच जिले के मनासा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण इलाकों के रास्ते इन दिनों पूरी तरह बदहाल हैं। सड़कों की जर्जर हालत और पुलिया न होने से हो रही गंभीर समस्याओं को लेकर आज मंगलवार को कांग्रेस नेता आर सागर कछावा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने तहसीलदार संजय को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया गया कि क्षेत्र के तीन मुख्य संपर्क मार्ग अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं, जिससे आम जनता और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इन तीन मार्गों पर सबसे बुरा हाल:-ग्रामीणों और कांग्रेस नेता द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में निम्नलिखित तीन प्रमुख मार्गों के नवनिर्माण की मांग की गई है:
- ग्राम मालाहेड़ा से ग्राम देवरी परदा मार्ग
- ग्राम सुंडी से चारभुजा की बारद मार्ग
- ग्राम मोखमपुरा से ग्राम देवरी परदा मार्ग
बरसात में कट जाता है संपर्क, एम्बुलेंस तक नहीं पहुँच पाती:- ज्ञापन में मुख्य प्रशासनिक समस्याओं को उठाते हुए बताया गया कि इन तीनों रास्तों पर बरसाती नालों और खालों पर पुलिया न होने के कारण बारिश के दिनों में पानी सड़क के ऊपर बहने लगता है। इस वजह से कई-कई दिनों तक गांवों का आपसी संपर्क और तहसील मुख्यालय से जुड़ाव पूरी तरह कट जाता है। आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या अन्य वाहन भी गांवों तक नहीं पहुँच पाते हैं।
जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं बच्चे:-देवरी परदा से मालाहेड़ा मार्ग की स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि इस रास्ते से स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को रोजाना अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है। सड़क पर कीचड़, गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुँच पा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई का भारी नुकसान हो रहा है और हर वक्त किसी बड़ी दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।
शीघ्र कार्रवाई की मांग
स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को कई बार इस समस्या से अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई है। ज्ञापन के जरिए चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही इन मार्गों पर पक्की सड़कों और नालों पर आर.सी.सी. पुलिया (R.C.C. Culvert) निर्माण की स्वीकृति देकर PWD या RES विभाग को आदेशित नहीं किया गया, तो ग्रामीणों को उग्र आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा।