जावद। पत्रकार लोकतंत्र के सजग प्रहरी हैं। गांव,गरीब, किसान,व्यापारी और आमजन की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में पत्रकारों की भूमिका महत्वपूर्ण है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद नीमच जिले के पत्रकार लगातार जनहित के मुद्दों को सामने ला रहे हैं। उनका यह योगदान सम्मान के योग्य है। यह बात एडवोकेट प्रकाश रांका, पूर्व जिला उपाध्यक्ष कांग्रेस पार्टी नीमच ने कही। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई 2024 से IPC के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू होना न्याय व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव है। नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से नागरिकों के अधिकारों और सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
रांका ने कहा कि जब कोई पत्रकार किसी अधिकारी, नेता, संस्था या व्यवस्था से सवाल करता है तो वह लोकतंत्र को कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत करता है। सत्ता किसी भी दल की हो, सवाल पूछने वाले पत्रकारों का सम्मान होना चाहिए। जनहित की खबरों की कवरेज के दौरान पत्रकारों को धमकाना, गाली-गलौज करना,मारपीट करना,कैमरे अथवा अन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचाना या रिकॉर्डिंग हटाने के लिए दबाव बनाना गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में शिकायत के तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकार की कलम पर दबाव नहीं, संरक्षण होना चाहिए। पत्रकार सुरक्षित रहेगा तो जनता की आवाज भी सुरक्षित रहेगी। उन्होंने नीमच जिले के पत्रकारों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि जनहित,निष्पक्ष पत्रकारिता और पत्रकारों के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर वे उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा, “पत्रकार की कलम जनता की आवाज है,उसे दबाया नहीं बल्कि सम्मान और सुरक्षा दी जानी चाहिए।”
पत्रकार एकता जिंदाबाद, लोकतंत्र जिंदाबाद।
— एडवोकेट प्रकाश रांका
पूर्व जिला उपाध्यक्ष, कांग्रेस पार्टी, नीमच
जावद विधानसभा क्षेत्र-230