नीमच। लग्जरी बस का किराया और सफर के साथ डिक्की में मालगाड़ी जैसी ढुलाई का बड़ा खेल नीमच में बेखौफ जारी है। नीमच से देश की राजधानी दिल्ली के रूट पर दौड़ने वाली स्लीपर और लग्जरी बसों में यात्रियों से ज्यादा कृषि जिंसों का व्यापार चल रहा था। लंबे समय से चल रहे इस अवैध गोरखधंधे की भनक के बाद सोमवार शाम परिवहन अमला हरकत में आया। जिला परिवहन अधिकारी नंदलाल गामड़ की अगुवाई में टीम ने घेराबंदी करते हुए गायत्री बस को धर दबोचा। बस की तलाशी ली गई तो यात्रियों के सामान की जगह कृषि उपज की बोरियां ठूंस-ठूंस कर भरी मिलीं। टीम तुरंत आरटीओ कार्यालय लेजाकर बोरियों को नीचे उतरवाया और परमिट नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की। मीडिया सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार इस पूरे मामले में विभाग द्वारा गायत्री बस पर महज 5 हजार रुपये का चालान काटकर इतिश्री कर ली गई।
इधर कार्रवाई को लेकर विभाग का दावा है कि परमिट शर्तों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं होगा और लोडिंग करने वाली सवारी गाड़ियों पर आगे भी डंडा चलेगा। लेकिन महज 5 हजार के मामूली जुर्माने की खबर सामने आते ही पूरी कार्रवाई पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। इस पूरे मामले की हकीकत जानने और आधिकारिक पुष्टि के लिए जब हमारी ओर से जिला परिवहन अधिकारी नंदलाल गामड़ और विभाग के रवि से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो दोनों ही जिम्मेदारों ने फोन उठाना गवारा नहीं समझा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 5 हजार रुपये की मामूली रसीद फाड़कर इतने बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क पर लगाम लग पाएगी या फिर फोन न उठाने वाले अफसरों की यह चुप्पी किसी बड़ी कहानी की तरफ इशारा कर रही है।