नीमच। मन में महाशक्ति भादवा माता का आशीर्वाद और पैरों में माता वैष्णो देवी से मिलने की तड़प हो,तो कठिन से कठिन रास्ता भी छोटा पड़ जाता है। ऐसा ही एक हैरतअंगेज और अद्वितीय कारनामा कर दिखाया है नीमच तहसील के ग्राम लसुड़िया हाड़ा के 38 वर्षीय श्रद्धालु जीतू सिंह चौहान ने। जीतू सिंह ने किसी साधन या ट्रेन से नहीं, बल्कि अपनी साधारण सी साइकिल के पैडल मारकर मालवा से लेकर जम्मू-कश्मीर की पहाड़ियों तक का सफर तय कर लिया। वे महज 11 दिनों में करीब 1200 किलोमीटर की दूरी तय कर माता वैष्णो देवी के दरबार पहुंच गए।
रोजाना 110 किमी का सफर,27 दिनों बाद लौटे अपनी माटी पर जीतू सिंह चौहान की इस पावन साइकिल यात्रा को आज 27 दिन पूरे हो चुके हैं। माता रानी के दरबार में शीश नवाकर और पूरे क्षेत्र की खुशहाली की मन्नत मांगकर जब वे वापस लौटे,तो उनके चेहरे पर थकान नहीं,बल्कि एक दिव्य संतोष था। अपनी माटी पर कदम रखते ही ग्राम झांतला में उनका पलक-पावड़े बिछाकर स्वागत किया गया।
केके फर्नीचर पर रुकी यात्रा,पारस कुमार जैन ने थपथपाई पीठ,जीतू सिंह का झांतला आगमन होते ही पूर्व जावद जनपद कृषि समिति अध्यक्ष एवं केके फर्नीचर के संचालक पारस कुमार जैन ने उन्हें अपने प्रतिष्ठान पर ससम्मान रोका। धनोतिया ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका आत्मीय अभिनंदन किया। उन्होंने यात्री को जलपान कराया और कहा कि इस कलयुग में ऐसी कठिन साधना विरले ही देखने को मिलती है। जीतू सिंह ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से पूरे नीमच जिले का मस्तक गर्व से ऊंचा किया है।
मनीष जैन ने कराया चाय-नाश्ता, बोले— युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं जीतू,इसी उत्साह के बीच नीमच जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष मनीष कुमार जैन ने भी श्रद्धालु जीतू सिंह चौहान की अगवानी की। उन्होंने जीतू सिंह को चाय, नाश्ता व जलपान कराया और उनके अदम्य साहस की जमकर सराहना की। मनीष जैन ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी जहां थोड़ी सी दूरी के लिए वाहनों पर निर्भर है, वहीं 38 वर्ष की उम्र में जीतू सिंह ने साइकिल से यह ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर युवाओं के सामने फिटनेस और अटूट आस्था की एक नई मिसाल पेश की है। इस दौरान पूरा झांतला कस्बा 'जय माता दी' के जयकारों से गूंज उठा।