नीमच।  नीमच शहर के व्यस्ततम सीआरपीएफ चौराहा (CRP Chauraha) पर स्थित मशहूर रतन स्वीट्स (Ratan Sweets) एक बार फिर गंभीर कानूनी शिकंजे में फंस गया है। खाद्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा ली गई मावा बर्फी की सैंपल रिपोर्ट फेल होने के बाद, खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी यशवंत कुमार शर्मा ने इस मामले में एडीएम कोर्ट (ADM Court) में नया प्रकरण दर्ज कर दिया है। 
यह कार्रवाई शहर के खाद्य सुरक्षा मानकों पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है।

पहले भी लग चुका है ताला और भारी जुर्माना;-!
आपको बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं है। बीते जून महीने में तत्कालीन एसडीएम संजीव साहू के नेतृत्व में प्रशासनिक अमले ने रतन स्वीट्स पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी।

  भारी गंदगी और अव्यवस्था: -
जांच के दौरान दुकान के भीतर भारी गंदगी और गंभीर अनियमितताएं पाई गई थीं।
 खराब राबड़ी: -
मौके पर खाने-पीने की वस्तुएं, विशेषकर राबड़ी बेहद खराब हालत में मिली थी।

 बड़ी कार्रवाई: प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए दुकान पर करीब 15 से 20 दिनों तक ताला जड़ दिया था और प्रबंधन पर 3 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी ठोका था।

मावा निकला 'मिथ्या'—जनता की सेहत के साथ खिलवाड़!-,प्रशासनिक अनुमति मिलने के बाद जब दुकान दोबारा खुली थी, तब अधिकारियों द्वारा जांच के लिए भेजे गए मावा बर्फी के सैंपल की रिपोर्ट अब सामने आई है।  मिथ्या छाप (Misbranded): जांच रिपोर्ट में मावा बर्फी का सैंपल पूरी तरह फेल पाया गया है।  मानकों से खिलवाड़: बर्फी में मावा होने का बड़ा दावा किया गया था, लेकिन तयशुदा खाद्य मापदंडों और गुणवत्ता के पैमाने पर मावा की मात्रा नाममात्र की भी नहीं पाई गई। इसे सीधे तौर पर खाद्य सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ माना जा रहा है।