मंदसौर। जिला कांग्रेस कमेटी मंदसौर ने बुधवार, 30 सितंबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेन्द्रसिंह गुर्जर एवं पार्टी के पदाधिकारियों की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, विशेष गहन पुनरीक्षण यानी ैप्त् प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली के केंद्रीकरण को लेकर सवाल उठाए गए। कांग्रेस ने ज्ञापन में कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले 10 महीनों में निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने निर्वाचन आयोग के विभिन्न निर्णयों और आदेशों को लेकर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इनमें नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और निर्वाचन संबंधी आईटी प्रणाली के संचालन जैसे मुद्दे शामिल बताए गए हैं। ज्ञापन में कांग्रेस ने इन घटनाक्रमों को राहुल गांधी द्वारा उठाए जा रहे ‘वोट चोरी’ अभियान से भी जोड़ा और कहा कि पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच जरूरी है। वहीं, निर्वाचन आयोग ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि आयोग के भीतर अलग-अलग राय और आपत्तियां विचार-विमर्श की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा ैप्त् से जुड़े प्रमुख निर्णय पूर्ण आयोग की सहमति से लिए गए हैं । कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका की स्वतंत्र जांच कराने, उनके इस्तीफे की मांग पर विचार करने, उनके कार्यकाल में लिए गए विवादित निर्णयों एवं मतदाता सूची में हुए बदलावों की व्यापक समीक्षा कराने तथा निर्वाचन आयोग की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। ज्ञापन के अंत में कांग्रेस पदाधिकारियों ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की रक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।