नीमच। कृषि उपज मंडी नीमच में फसल की बिक्री और भुगतान से जुड़ा एक मामला सामने आया है। रतलाम जिले के नामली निवासी किसान अक्षय राठौर ने बिचौलिये पुष्कर पाटीदार पर सोयाबीन की बिक्री के बाद करीब 1 लाख 9 हजार रुपए की राशि नहीं देने का आरोप लगाया है। किसान की शिकायत पर कैंट पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहले भरोसा जीता,फिर भुगतान को लेकर विवाद- किसान के अनुसार आरोपी से उसकी पहचान करीब दो-तीन महीने पहले हुई थी। शुरुआती लेन-देन में करीब 1.50 लाख रुपए की सोयाबीन बिकवाने के बाद पूरी राशि मिलने से उसका आरोपी पर भरोसा बढ़ गया। इसके बाद 29 सितंबर को किसान ने किराए के वाहन से ड्राइवर बबलू जाट के माध्यम से सोयाबीन नीमच मंडी भेजी।
चार ढेर में तीन का भुगतान मिला, चौथे की राशि अटकी-शिकायत के मुताबिक मंडी में आरोपी ड्राइवर के साथ रहा और सोयाबीन के चार ढेर करवाए गए। इनमें से तीन ढेरों की राशि किसान को मिल गई। चौथे ढेर की सोयाबीन करीब 1.09 लाख रुपए में बिकने की बात सामने आई। किसान का आरोप है कि व्यापारी ने 80 हजार रुपए आरोपी द्वारा बताए गए एसबीआई खाते में एनईएफटी किए,जबकि शेष राशि आरोपी नगद लेकर चला गया।
रकम मांगी तो बहानेबाजी का आरोप-किसान का कहना है कि भुगतान नहीं मिलने पर उसने आरोपी से संपर्क किया,लेकिन लगातार टालमटोल की गई। बाद में आरोपी से संपर्क भी नहीं हो पाया। इसके बाद किसान ने कैंट थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और राशि वापस दिलाने की मांग की। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर बैंक खाते में हुए लेन-देन,मंडी में फसल की बिक्री और संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।
मंडी में अनधिकृत बिचौलियों की मौजूदगी पर सवाल मामले के बाद मंडी परिसर में किसानों और बिचौलियों के बीच होने वाले लेन-देन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। किसानों का कहना है कि बाहर से उपज लेकर आने वाले कई किसान सुविधा के नाम पर ऐसे लोगों के संपर्क में आ जाते हैं। किसानों ने मंडी प्रशासन से परिसर में सक्रिय अनधिकृत व्यक्तियों की पहचान कर कार्रवाई करने तथा फसल का भुगतान सीधे किसान के पंजीकृत बैंक खाते में सुनिश्चित करने की मांग की है।