रतनगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के समर्पित चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मियों की बेहतरीन कार्यशैली,सूझबूझ और तत्परता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सही समय पर मिलने वाला सटीक इलाज मौत के मुंह से भी जिंदगी वापस खींच सकता है। हाल ही में रतनगढ़ और आसपास के ग्रामीण अंचलों में अत्यंत जहरीले काले नाग (कोबरा) के डसने से गंभीर रूप से पीड़ित चार ग्रामीणों (3 पुरुष और 1 महिला) का सफल उपचार कर उनकी अनमोल जिंदगियां बचाई गई हैं।
ये है गम्भीर मामले सर्पदंश के इन गंभीर मामलों का जिक्र करें तो पहला मामला मेसापुरा/बाजना (रतलाम) निवासी 25 वर्षीय मुन्ना का है,जो मजदूरी के दौरान जहरीले काले नाग के शिकार हो गए थे।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बिना समय गंवाए स्थानीय स्तर पर उन्हें एंटी-स्नेक वेनम (12 ASV) की प्रारंभिक खुराक दी गई और एम्बुलेंस के जरिए नीमच रेफर किया गया। वहीं दूसरा मामला देहपुर निवासी 25 वर्षीय दयाल का है,जिन्हें कोबरा के डसने से विष का प्रभाव इतनी तेजी से फैला कि उनकी आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई और सांस लेने में भारी कठिनाई होने लगी, लेकिन परिजन उन्हें तुरंत रतनगढ़ PHC ले आए जहां चिकित्सकों द्वारा दिए गए 10 जीवन रक्षक ASV इंजेक्शनों के लगते ही उनकी दृष्टि वापस लौट आई और हालत स्थिर हो गई। इसी कड़ी में तीसरा मामला जाट क्षेत्र के गोल डूंगरी में खेतों पर मजदूरी कर रहे आदिवासी 38 वर्षीय बापूलाल का है, जिन्हें अचानक काले कोबरा ने डस लिया था। और तुरंत स्वास्थ्य केंद्र लाकर त्वरित व सटीक उपचार से उनकी जान बचा ली गई।इसके अलावा चौथे मामले में ग्राम सांडा निवासी 45 वर्षीय बगदीबाई को घर में एक विशालकाय काले नाग ने डस लिया था,जहाँ क्षेत्र के वरिष्ठ समाजसेवी गोविंद सिंह सांडा ने मानवीयता की मिसाल पेश करते हुए उन्हें तुरंत रतनगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया और यहां की सजग टीम ने फौरन मरीज को 10 एंटीवेनम इंजेक्शन देकर ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ जिला चिकित्सालय, नीमच रैफर किया।
*सराहनीय चिकित्सा टीम का उत्कृष्ट योगदान-इस पूरी आपात कालीन प्रक्रिया और जीवन रक्षक उपचार के दौरान ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. मोहन मुजाल्दे के कुशल निर्देशन में रतनगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ डॉ.प्रांकुर यादव,डॉ.जसीम खान,चंचल प्रजापत, पवन भंडारी, तारेश ग्वाला, प्रियंका मेघवाल और नेहा गोले ने पूरी तल्लीनता और मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी निभाई।चिकित्सा दल की इस उत्कृष्ट कार्यशैली की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।
रतनगढ़ PHC को CHC में क्रमोन्नत करने की उठी पुरजोर मांग-रतनगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगातार मिल रही इन उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं और गंभीर मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्थानीय पत्रकारों, समाज सेवियों, प्रबुद्धजनों और क्षेत्रवासियों द्वारा शासन-प्रशासन से पुरजोर मांग की जा रही है।कि रतनगढ़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को शीघ्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में क्रमोन्नत किया जाए, ताकि इस बड़े ग्रामीण अंचल के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ चिकित्सक, बड़े वार्ड और आधुनिक उन्नत चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
चिकित्सकिय अपिल- चिकित्सको ने क्षेत्र वासियों से अपील की है।कि सांप काटने (सर्पदंश) जैसी गंभीर स्थिति में कभी भी अंधविश्वास या झाड़-फूंक के चक्कर में अपना कीमती समय बर्बाद न करें।और तुरंत बिना किसी देरी के तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचें, क्योंकि "समय पर मिला इलाज ही जीवन की सबसे बड़ी रक्षा है।"