नीमच।/ मनासा। भाटखेड़ी निवासी 11 वर्षीय बालक की मौत के बाद गुरुवार को मनासा में मामला गरमा गया। परिजनों ने उपचार के दौरान इंजेक्शन लगाए जाने के बाद बालक की अचानक तबीयत बिगड़ने का आरोप लगाते हुए पुरानी अस्पताल के सामने चक्काजाम कर दिया। परिजनों ने संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई और परिवार को 10 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की। परिजनों के अनुसार, बालक की तबीयत खराब होने पर उसे लक्ष्मीबाई मार्ग स्थित डॉ. सुनील पाटीदार के यहां उपचार के लिए ले जाया गया था। परिजनों का आरोप है कि उपचार के दौरान इंजेक्शन लगाए जाने के बाद बालक की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसके मुंह से झाग आने लगे और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।

पुरानी अस्पताल के सामने लगाया जाम
बालक की मौत की सूचना के बाद परिजन और अन्य लोग पुरानी अस्पताल के सामने एकत्रित हो गए। आक्रोशित लोगों ने चक्काजाम कर संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इससे मार्ग पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही।
सूचना मिलते ही पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों से चर्चा की। अधिकारियों ने मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए परिजनों को समझाइश दी।
पैनल से पोस्टमार्टम पर बनी सहमति
काफी देर तक चली समझाइश के बाद परिजन शव का नीमच जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने पर सहमत हुए। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल बालक की मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मौत के कारण तथा उपचार के संबंध में लगाए गए आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मामले में संबंधित चिकित्सक का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।