नीमच।महू-नसीराबाद हाईवे स्थित नयागांव रेलवे क्रॉसिंग पर वर्षों से व्याप्त बदहाली ने आखिरकार एक और मासूम की जिंदगी लील ली। आधे घंटे तक बंद फाटक के जाम में तड़पते हुए 14 वर्षीय बालक सांवलिया की एंबुलेंस में हुई मौत ने पूरे क्षेत्र को आक्रोशित कर दिया है । इस संवेदनशील मुद्दे पर जनता की ढाल बनकर सामने आते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट प्रकाश रांका ने शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सांवलिया की मौत कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक संवेदनहीनता और लचर व्यवस्था द्वारा की गई 'हत्या' है।
जनता के हक के लिए हमेशा मुखर रहते हैं रांका-क्षेत्रीय मुद्दों पर हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े रहने वाले एडवोकेट प्रकाश रांका ने सीधे तौर पर सत्ता और अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि महू-नसीराबाद जैसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर औद्योगिक मालगाड़ियों के नाम पर जनता के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। घंटों फाटक बंद रहने से एंबुलेंस और गंभीर मरीज फंसे रहते हैं। रांका ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, *"क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधि किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहे थे*? एक बेकसूर बच्चे की जान सिर्फ इसलिए चली गई क्योंकि सिस्टम उसे रास्ता नहीं दे पाया।
इससे शर्मनाक प्रशासनिक विफलता और कुछ नहीं हो सकती।"-कागजी वादे छोड़ तुरंत शुरू हो ओवरब्रिज का निर्माण*
अपनी बेबाक शैली के लिए पहचाने जाने वाले कांग्रेस नेता ने साफ कर दिया है कि अब जावद विधानसभा की जनता खोखले दावों से शांत नहीं होने वाली। नयागांव रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज (ROB) या अंडरपास का निर्माण अब कोई मांग नहीं, बल्कि क्षेत्र के नागरिकों का मौलिक अधिकार बन चुका है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन, मध्य प्रदेश शासन और केंद्रीय रेल मंत्रालय को चेतावनी दी कि इस गंभीर जनसमस्या को तुरंत सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेकर बजट स्वीकृत किया जाए और जमीनी काम शुरू हो।
रांका का संकल्प: सांवलिया की मौत को बनाएंगे आखिरी मौत-जावद की जनता को भरोसा दिलाते हुए एडवोकेट प्रकाश रांका ने कहा कि वे इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएंगे। उन्होंने अपने संकल्प को दोहराते हुए एक बेहद प्रभावी बात कही— "रेलवे फाटक बंद हो सकता है, लेकिन जावद की जनता की जिंदगी का रास्ता बंद नहीं होने दिया जाएगा। हमें ऐसी व्यवस्था चाहिए जहां किसी भी मां की गोद इस फाटक के कारण सूनी न हो। सांवलिया की मौत इस फाटक पर आखिरी मौत साबित होगी।" रांका के इस कड़े रुख के बाद क्षेत्र में ओवरब्रिज की मांग को लेकर जन-आंदोलन तेज होने के आसार दिखाई दे रहे हैं।