सिंगोली। जिला नीमच के सिंगोली-झांतला-धारडी-कदवासा- कोज्या अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों घोषित और अघोषित बिजली कटौती ने आम जनजीवन को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है।  क्षेत्र के कदवासा, पल्लई, धारडी सहित दर्जनों गांवों में हर 10-10 मिनट में हो रही ट्रिपिंग और घंटों की बिजली कटौती के कारण आम जनता, किसानों और व्यापारियों का जीना बेहाल हो गया है। रबी सीजन की शुरुआत के बीच बिजली विभाग के इस कुप्रबंधन को लेकर अब क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों का आक्रोश फूट पड़ा है।
अंधेरे की रोशनी में पक रहा भोजन, गृहणियां परेशान-कदवासा के वरिष्ठ पत्रकार जगदीश चौहान ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली की तीखी आलोचना करते हुए ग्रामीण अंचल के दर्द को उजागर किया है। उन्होंने कहा, "वर्तमान में खेतों में किसानी का कार्य चरम पर है। किसान और मजदूर दिनभर खेतों में कड़ा परिश्रम कर थक-हारकर जब शाम को घर लौटते हैं, तो पूरे गांव में पसरा अंधेरा उनका स्वागत करता है। 
हालात इतने बदतर हैं कि घर की गृहणियां घने अंधेरे के बीच मोबाइल की फ्लैशलाइट या मोमबत्ती की रोशनी में भोजन पकाने को मजबूर हैं।" इसी समस्या की तस्दीक करते हुए ग्राम पल्लई के पूर्व सरपंच प्रकाश धाकड़ ने भी गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि रात के समय बिजली गुल रहने से न सिर्फ घरेलू कामकाज ठप हो रहे हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ गया है। विभाग को कई बार अवगत कराने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
जावद के 'आत्मनिर्भर' होने के दावों की खुली पोल: मनीष जैन-बिजली कटौती के इस गंभीर मुद्दे पर अब सियासत भी गरमा गई है। जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष मनीष जैन ने अघोषित बिजली कटौती को लेकर प्रदेश सरकार और स्थानीय भाजपा नेतृत्व पर सीधा हमला बोला है। मनीष जैन ने तंज कसते हुए कहा, "एक तरफ तो प्रदेश सरकार 24 घंटे निर्बाध बिजली देने का ढिंढोरा पीटती है, वहीं दूसरी तरफ हर 10 मिनट में बिजली काटी जा रही है। भाजपा के जनप्रतिनिधि हर मंच से बड़े-बड़े दावे करते हैं कि जावद विधानसभा क्षेत्र बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बन चुका है। यदि क्षेत्र वाकई आत्मनिर्भर है, तो जनता को इस तरह की प्रताड़ना क्यों झेलनी पड़ रही है? यह आत्मनिर्भरता का खोखला दावा क्षेत्र की जनता और किसानों के साथ सरासर धोखा और अन्याय है।"
आंदोलन की राह पर ग्रामीण-ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ घरेलू उपभोक्ता भी बूंद-बूंद बिजली को तरस रहे हैं।  यदि बिजली विभाग ने सिंगोली-झांतला-धारडी- कदवासा अंचल में अघोषित ट्रिपिंग पर तुरंत रोक नहीं लगाई और शाम के समय सुचारू आपूर्ति बहाल नहीं की, तो क्षेत्र के किसान और आम नागरिक सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।