सिंगोली। जावद विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में अघोषित विद्युत कटौती की लगातार आ रही शिकायतों को विधायक व पूर्व मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। रबी सीजन के इस सबसे महत्वपूर्ण मोड़ पर किसानों और ग्रामीणों को हो रही भारी असुविधा पर कड़ा रोष जताते हुए उन्होंने सीधे जबलपुर मुख्यालय के उच्च अधिकारियों, जिला अधीक्षण यंत्री (SE) तथा संबंधित विद्युत संभाग के मैदानी अमले को दूरभाष (फोन) पर आड़े हाथों लिया। विधायक सखलेचा ने फोन पर साफ शब्दों में चेताया कि मध्यप्रदेश शासन की मंशा सदैव किसानों को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की रही है, इसलिए अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाएं और ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था को अविलंब दुरुस्त करें।
सिंगोली से लेकर जावद तक अघोषित कटौती से आमजन बेहाल-अधिकारियों को मैदानी हकीकत का आईना दिखाते हुए विधायक श्री सखलेचा ने कहा कि इस समय समूचे क्षेत्र में रबी फसलों की बुआई और सिंचाई की तैयारियां चरम पर हैं। हमारा किसान भाई दिन-रात खेतों में कड़ा परिश्रम कर देश के अन्न भंडार को भरने में जुटा है। दिनभर की हाड़-तोड़ मेहनत के बाद जब वह शाम को अपने घर लौटता है, तो इन गांवों में बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली गुल कर दी जाती है। रात के समय अघोषित कटौती होने से ग्रामीणों को दैनिक कार्यों, भोजन और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सिंगोली पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष गोपाल धाकड़ ने जताया विधायक का आभार-विधायक श्री सखलेचा द्वारा किसानों के हक में सीधे उच्च अधिकारियों के सामने पुरजोर पैरवी करने और इस त्वरित कार्रवाई पर सिंगोली भाजपा मंडल के पूर्व मंडल अध्यक्ष श्री गोपाल धाकड़ ने विधायक का आभार व्यक्त किया है। पूर्व मंडल अध्यक्ष गोपाल धाकड़ ने कहा कि रबी सीजन के इस नाजुक समय में अघोषित बिजली कटौती से किसान बेहद परेशान थे। ऐसे संकट के समय विधायक श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने सदैव की तरह आगे आकर किसानों के हित में एक बेहद सराहनीय और ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने बिजली विभाग के बड़े अफसरों को जिस तरह से फटकार लगाकर किसानों के पक्ष में पैरवी की है, उससे सिंगोली-झांतला बेल्ट सहित पूरे अंचल के किसानों में खुशी की लहर है इस जनहितैषी कदम के लिए संपूर्ण क्षेत्र की जनता विधायक महोदय के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करती है।
'किसान की मेहनत से समझौता कतई मंजूर नहीं, 24 घंटे काम कर मेंटेनेंस पूरा करें'-मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए विधायक श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कड़े लहजे में कहा कि उनका किसान भाई और क्षेत्र का एक-एक नागरिक उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। रबी सीजन का यह समय हर किसान के पूरे साल की आजीविका तय करता है। ऐसे में अधिकारियों की कछुआ चाल या अघोषित बिजली कटौती के कारण क्षेत्र के अन्नदाताओं को एक मिनिट की भी परेशानी हो, यह वे अपने क्षेत्र में कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने जबलपुर के उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन के जिम्मेदार अफसरों को स्पष्ट हिदायत दे दी है कि यदि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कहीं लोड सेटिंग या आवश्यक मेंटेनेंस का कार्य चल भी रहा है, तो विभाग की टीमें चौबीस घंटे शिफ्टों में काम कर उसे अतिशीघ्र पूरा करें। सभी प्रभावित ग्रामों में पर्याप्त, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली देना हर हाल में सुनिश्चित करना होगा।
विधायक की सख्ती के बाद अलर्ट मोड पर ऊर्जा विभाग, सुधार कार्य तेज-विधायक श्री सखलेचा के इस बेहद कड़े और जनहितैषी हस्तक्षेप के बाद विभाग के उच्च अधिकारियों से लेकर जिला प्रशासन का पूरा अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। शासन की मंशानुसार और विधायक के निर्देशों का पालन करते हुए विभाग ने तत्काल प्रभाव से मैदानी टीमों को सक्रिय कर दिया है। किसानों को फसलों के लिए तय शेड्यूल के अनुसार और ग्रामीण उपभोक्ताओं को घरेलू उपयोग के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, जिससे जल्द ही क्षेत्रवासियों को इस समस्या से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।