मनासा। ग्राम भाटखेड़ी निवासी 11 वर्षीय बालक धर्मपाल पिता मंगल की उपचार के दौरान मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित सीएचओ सुनील पाटीदार को सिंगोली के कोज्या में अटैच किया है। बालक की मौत के बाद परिजनों ने उपचार में लापरवाही के आरोप लगाते हुए विरोध जताया था। अब मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बालक धर्मपाल को इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। बाद में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया था। परिजनों ने संबंधित सीएचओ सुनील पाटीदार के विरुद्ध कार्रवाई की मांग उठाई थी।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई,मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच की प्रक्रिया जारी है। विभागीय स्तर पर संबंधित अधिकारियों से जानकारी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही उपचार में लापरवाही हुई थी या नहीं, इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रभारी बीएमओ प्रमोद पाटीदार ने बताया कि संबंधित सीएचओ सुनील पाटीदार को वर्तमान में सिंगोली के कोज्या में अटैच किया गया है। जांच पूरी होने तक वे वहीं अटैच रहेंगे। आगे की कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भी लिखा गया है।
जांच और जवाबदेही पर टिकी निगाहें-11 वर्षीय बालक की मौत ने स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, उपचार में लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच और चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा। ऐसे मामलों में निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच जरूरी है, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति सामने आए और जिम्मेदारी तय हो सके। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। ओर उच्च अधिकारियों के स्तर पर आगे क्या कार्रवाई की जाती हैं। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए जांच निष्कर्षों के आधार पर उचित निर्णय लेना महत्वपूर्ण होगा।