नीमच। कर्म काण्डीय विप्र पुजारी परिषद् नीमच के अध्यक्ष एवं ज्योतिषाचार्य पण्डित मालचन्द शर्मा ने बताया कि कल 14 अक्टूबर को विनायक चतुर्थी रहेगी। इसके पश्चात् 15 अक्टूबर को उपांग ललिता व्रत, शुक्र अस्त पश्चिम में, 16 अक्टूबर को सरस्वती आह्वान, षष्टी पूजा, 17 अक्टूबर को सप्तमी तिथि वृद्धि, सरस्वती पूजन, 18 अक्टूबर को सप्तमी तिथि प्रातः 8:29 तक, इसके पश्चात् अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी, सरस्वती बलिदान, 19 अक्टूबर को अष्टमी तिथि प्रातः 10:52 तक, इसके पश्चात् नवमी तिथि प्रारंभ होगी, सरस्वती विसर्जन महाष्टमी व्रत पूजन, 20 अक्टूबर को नवमी तिथि दोपहर 12:51 तक इसके पश्चात् दशमी तिथि प्रारंभ होगी, शमीपूजा, शस्त्र पूजा, 20 को दशमी तिथि विजय काल में श्रवण नक्षत्र से युक्त है। अतः विजयादशमी पर्व इसी दिन रहेगा। अष्टमी-नवमी व्रत एवं पूजन 19 को रहेगा, 20 को नवरात्र समाप्त, बलिदान के लिए यह महानवमी मान्य रहेगी।