नीमच/ शहर में पिछले कुछ दिनों से एक शौचालय के टूटने पर भारी बवाल मचा हुआ है, राजनीतिक गलियारों से लेकर चर्चाओं के बाजार में शौचालय को लेकर एक ऐसी सोच ने जन्म ले लिया है, जो स्थानीय नगरपालिका को घेरने और परिषद की छवि को धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा...मामले में निराधार आरोपों के साथ ही सभी अपनी-अपनी राजनैतिक रोटियां सेकने में जुटे है, लेकिन सुलभ शौचालय को तोड़ने संबंधी इस कार्यवाही के पीछे की हकीकत को जानना भी जरूरी है, जहां जनभावनाओं का सम्मान और धार्मिक वातावरण को स्वच्छ बनाने की नीयत से यह कदम उठाना कितना आवश्यक था...ताकि किसी की भी आस्था और धार्मिक भावना से खिलवाड़ न हो...और जनसुविधा का भी खयाल रखा जा सके...और इसी एक सकारात्मक उद्देश्य के साथ नगरपालिका परिषद को यह कदम उठाना पड़ा...!
नपा की इस सकारात्मक पहल और जनभावनाओं के हित में उठाए गए इस प्रभावी कदम के विपरीत भले ही इसे राजनैतिक रंग देने के प्रयास किए जा रहे है, और आम शहरी की सुविधा से खिलवाड़ और सरकार के स्वच्छता अभियान को पलीता लगाने जैसे तरह - तरह के आरोप से स्थानीय निकाय को घेरने की कोशिशें भी हो रही है...लेकिन इस मुद्दे से जुड़ी वास्तविकता कुछ और ही बंया करती है, जो नपा के इस कदम को स्वागत योग्य बताने के लिए काफी है...!
सुविधा से अधिक दुविधा का पर्याय बन चुका था शौचालय- इस पूरे घटनाक्रम को लेकर इसकी वास्तविकता पर यदि हम जाएं तो उक्त सुलभ शौचालय को तोड़ने संबंधी कार्यवाही की प्रक्रिया वर्ष 2024 से ही प्रस्तावित थी,वहीं आम लोगों की सुविधा से ज्यादा दुविधा का प्रयाय उक्त शौचालय बन चुका था, जिसकी साफ सफाई, रखरखाव और जीर्णोद्धार को लेकर भी पूर्व में स्थानीय रहवासीयों द्वारा प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है...जिसके लंबे समय बाद स्थानीय नगरपालिका प्रशासन की और शौचालय तोड़ने की कार्यवाही को अंजाम दिया गया... ताकि इसका दोबारा जीर्णोद्धार हो सके... और स्थानीय लोगों की यह सुविधा पहले से अधिक सुलभ और स्वच्छ हो सके...!
धार्मिक भावनाओं का सम्मान रखते हुए नपा की सार्थक पहल- बतादें की बदबू और जर्जरता की पहचान बन चुके शहर के 40 स्थित उक्त मूत्रालय को गिराने के तमाम कारणों में एक वजह यह भी मुख्य रूप से सामने आई की, मूत्रालय के ठीक सामने वाले क्षेत्र में 100 वर्ष पुराना ऐतिहासिक मंदिर और दिगम्बर जैन समाज का धार्मिक स्थल भी है, जहां दर्शनार्थ हेतु आने वाले श्रद्धालुओं को इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है, और हर दिन बदबू का शिकार होना पड़ता है, इस संबंध में स्थानीय नपा प्रशासन से लेकर शासन स्तर तक भी मूत्रालय को हटाने नवनिर्माण करने इसका प्रवेश द्वार टैगोर मार्ग की और रखने संबंधी मांग धर्मपरायण लोगों द्वारा की जा चुकी है, जिसके बाद मामले नपा की और से उक्त कार्यवाही को अंजाम दिया गया...!
सुविधा से नहीं होगा खिलवाड़...बल्कि बदलेगी तस्वीर-नपा की इस कार्यवाही के बाद इस मुद्दे पर तरह तरह की आशंकाओं और भ्रमित करने जैसी प्रतिक्रियाएं भी सामने आई है, लेकिन यहां नगरपालिका नीमच का प्रतिनिधित्व कर रही नपा अध्यक्षा स्वाति गौरव चौपड़ा का उद्देश्य भी स्वच्छ और स्पष्ट है कि न तो जनमानस की सुविधा से कोई खिलवाड़ होगा और न ही किसी की धार्मिक भावनाएं आहत होगी...स्वच्छता के प्रति जागरूकता और आस्था के प्रति एक शुद्ध वातावरण निर्मित किया जाएगा... और इस संबंध सुलभ शौचालय के नवनिर्माण के लिए राशि भी प्रस्तावित है, और जल्द ही शौचालय का नव निर्माण भी शुरू किया जाएगा...!