घंटाघर पोस्ट ऑफिस से परेशान खाताधारक, डाकघर का कर्मचारी वीडियो गेम खेलने में मशगुल,प्रधान डाकघर के कर्मचारी घंटाघर पोस्ट ऑफिस के खाताधारकों का भुगतान करने से करते हैं मना, जवाबदार अधिकारियों की लापरवाही आई सामने
30 Jun 2023
NEEMUCH NEWS
नीमच। पूरे भारत में एक साथ दो पोस्ट ऑफिस आपने एक ही भवन में कहीं भी संचालित होते नहीं देखे होंगे। मगर आपको जानकर आश्चर्य होगा कि नीमच में यह संभव हो रहा है । दो-दो पोस्ट ऑफिस होने के बावजूद इन पोस्ट ऑफिसों से आम जनता के बैंकिंग काम नहीं होने से आम जनता परेशान हो रही है। कर्मचारी कुर्सी से नदारद दिखते हैं और आम जनता लंबी-लंबी कतारों में खड़ी दिखती है। इसमें अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है। शहर में घंटाघर के समीप कई सालों से डाकघर कार्यालय हुआ करता था। बीच बाजार में होने के कारण लोगों ने इसमें बड़ी संख्या में अपने बैंकिंग खाते खुलवाएं। जब तक शहर के मध्य यह पोस्ट ऑफिस रहा तब तक इसमें खाताधारकों को कोई परेशानी नहीं हुई लेकिन जबसे पोस्ट ऑफिस यहां से प्रधान डाकघर गया तब से लेकर आज तक बीते 2 सालों से इस पोस्ट ऑफिस के खाताधारक परेशान और प्रताड़ित हो रहे हैं। घंटाघर का यह पोस्ट ऑफिस अब प्रधान डाकघर मे कन्या स्कूल के पास स्थानांतरित हो गया है। बाजार के लोगों को जिनके खाते इस पोस्ट ऑफिस में हैं उन्हें प्रधान डाकघर जाना पड़ता है इसके बावजूद कुर्सी पर कार्यरत कर्मचारी मौजूद नहीं रहता है। कई बुजुर्ग खाताधारक घंटों लाइन में खड़े होकर सरकारी कर्मचारी पाटीदार बाऊजी का इंतजार करते रहते हैं मगर कुर्सी खाली पड़ी रहती है और खाताधारक लाइन में लगे रहते हैं। ऐसे में परेशान खाताधारक प्रधान डाकघर के दूसरे काउंटरों की लाइन में लगते हैं और अपनी बारी का इंतजार करते हैं। लेकिन यहां भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है लाइन में लगने के बाद और नंबर आने पर भी प्रधान डाकघर में कार्यरत कर्मचारी घंटाघर पोस्ट ऑफिस के खाताधारकों का काम करने से साफ मना कर देता है। ऐसे में घंटाघर पोस्ट ऑफिस के खाताधारक परेशान और प्रताड़ित हो रहे हैं। इस बारे में प्रधान डाकघर के वरिष्ठ अधिकारियों को भी पता है मगर इस समस्या का इलाज नहीं कर पा रहे। कारण जो भी हो इन दोनों डाकघरों की लड़ाई में खाताधारक पीस रहे हैं। कई बुजुर्ग महिला और पुरुष यहां घंटों लेनदेन के कार्य में लाइनों में लगे देखे जा सकते हैं। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को सामने आया। जब घंटाघर पोस्ट ऑफिस पर कार्यरत कर्मचारी सुशील पाटीदार कुर्सी से गायब रहा और घंटाघर पोस्ट ऑफिस का कंप्यूटर भी बंद दिखा जबकि प्रधान डाकघर के कंप्यूटर यथावत चल रहे थे। घंटाघर पोस्ट ऑफिस से चेक का भुगतान प्राप्त करने आए प्रकाश पाराशर ने जब प्रधान डाकघर के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया तो उनका कहना था कि घंटाघर के पोस्ट ऑफिस का काम प्रधान डाकघर के कर्मचारी क्यों करेंगे? एक ही कर्मचारी सबका काम क्यों करेगा? वही घंटाघर पोस्ट ऑफिस से संबंधित कर्मचारी पाटीदार से संपर्क किया तो उसका कहना था कि कंप्यूटर बंद है क्योंकि सरवर खराब है? श्री पाराशर ने इसके एवज में उक्त कर्मचारी से सवाल किया कि प्रधान डाकघर के सभी कंप्यूटर तो चालू है तो घंटाघर पोस्ट ऑफिस का कंप्यूटर और उसका सर्वर क्यों बंद है? ऐसे में उक्त कर्मचारी जवाब नहीं दे सका और बार-बार बाद में आकर चेक का भुगतान ले जाने की कहता रहा। जब मंदसौर के वरिष्ठ अधिकारियों का नंबर मांगा गया तो इस कर्मचारी ने तुरंत ही कंप्यूटर पर एंट्री कर भुगतान राशि संबंधित व्यक्ति को तत्काल दे दी। कमोबेश खाताधारकों की परेशानी का यह सिलसिला केवल 1 या 2 दिन का नहीं रोजाना का हो रहा है। ऐसे में घंटाघर पोस्ट ऑफिस के खाताधारक रोजाना लाइनों में लगते हैं और कर्मचारी खाली कुर्सी छोड़ मोबाइल पर गेम खेलने में जुटा रहता है। प्रधान डाकघर के काउंटर पर नंबर आने के बावजूद प्रधान डाकघर कर्मचारी घंटाघर पोस्ट ऑफिस के खाताधारकों का काम करने से मना कर देते हैं। दोनों डाकघर के कर्मचारियों की लड़ाई अब खुलकर सामने आने लगी है। यथा स्थिति का अवलोकन करने पर प्रधान डाकघर के अन्य सभी कर्मचारी कंप्यूटर पर बैठकर खाताधारकों का काम कर रहे थे। लेकिन यह कर्मचारी अपनी ड्यूटी ना करते हुए वीडियो गेम खेलने में मशगुल था, इस बात की पुष्टि प्रधान डाकघर के कर्मचारीयों ने भी की। परेशान खाताधारक अब अपने खाते इस पोस्ट ऑफिस से बंद करवा रहे हैं।
घंटाघर पोस्ट ऑफिस फिर से बाजार में खोलने की मांग
घंटाघर पोस्ट ऑफिस को पुनः बाजार में खोले जाने की मांग इस पोस्ट ऑफिस के खाताधारको ने की है। खाताधारकों ने बताया कि इस पोस्ट ऑफिस का उद्देश्य बाजार के लोगों को सुविधा प्रदान करना था लेकिन यह प्रधान डाकघर में लगने लगा है और अब इसके कलेक्टर कार्यालय में जाने की चर्चा सुनी जा रही है। ऐसे में बाजार की खाताधारक काफी परेशान होंगे। संबंधित वरिष्ठ अधिकारी इस बारे में संज्ञान लें और खाताधारकों को राहत प्रदान करें।
कंप्यूटर भी बाबा आदम के जमाने का
कर्मचारियों से पूछा गया की वास्तविकता में परेशानी क्या है तो उन्होंने बताया कि घंटाघर पोस्ट ऑफिस में लगा कंप्यूटर काफी पुराना है जो आज की टेक्नोलॉजी से कोसों दूर है ऐसे में उस पर काम करना किसी भी कर्मचारी के लिए मुश्किल भरा है।
कर्मचारियों की भी है कमी
प्रधान डाकघर और घंटाघर पोस्ट ऑफिस दोनों में ही कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। शुक्रवार 30 जून को भी 2 कर्मचारियों का रिटायरमेंट हुआ है ऐसे में पहले ही जहां कम कर्मचारी काम कर रहे थे अब दो और कर्मचारी कम होने के बाद इन दोनों ही डाकघरों के खाताधारकों को काम विलंब से होने की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
*एक ही भवन में दो पोस्ट ऑफिस चलना असंगत*
पूरे देश में ऐसा कोई भी पोस्ट ऑफिस भवन नहीं होगा जहां एक साथ दो पोस्ट ऑफिस संचालित हो रहे हो। मगर हिंदी मच के प्रधान डाकघर के भवन में पिछले कई माह से दो पोस्ट ऑफिस संचालित हो रहे हैं। सरकारी स्तर पर जरूर रुपयों की बचत हो रही है मगर आम जनता परेशान हो रही है। लोगों का कहना है कि जब एक ही बिल्डिंग में दो पोस्ट ऑफिस संचालित हो रहे हैं और एक पोस्ट ऑफिस घंटाघर डाकघर का कोई औचित्य नहीं है तो उसे हमेशा के लिए बंद कर देना चाहिए। नहीं तो खाताधारकों का काम सुव्यवस्थित करने का प्रबंध करना प्राथमिकता होना चाहिए।