जावद। रतनगढ़ क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर अवैध अतिक्रमण के मामले में अब सरकारी कर्मचारी ही शामिल दिखाई दे रहे हैं। इनके खिलाफ तहसील न्यायालय से बेदखली आदेश जारी होने के बाद भी प्रशासन की जेसीबी इनके अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नहीं चल रही। ऐसा ही एक मामला विद्युत विभाग में पदस्थ अधिकारी का सामने आया। जो रतनगढ़ क्षेत्र में विगत लगभग 15 साल से पदस्थ हैं। जिनकी कई शिकायत किसानों ने लिखित में की लेकिन आज तक कोई कार्रवाई देखने को नहीं मिली। हाल ही में तहसील न्यायालय से विद्युत विभाग में पदस्थ महेश ठाकुर का सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण पाए जाने पर बेदखली आदेश जारी किए गए लेकिन इस आदेश के बाद सीएम मोहन यादव की जेसीबी अवैध अतिक्रमण के खिलाफ आखिर क्यों नहीं चल रही यह क्षेत्र में बड़ी चर्चा का विषय है।  वही रतनगढ़ क्षेत्र में सूत्र बताते हैं कि विद्युत विभाग में यह अधिकारी 15 साल से एक ही जगह पदस्थ हैं। इनसे परेशान लोगों ने कई शिकायतें की लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक की 15 साल एक ही क्षेत्र में पदस्थ रहकर इस क्षेत्र में कई प्लांट और खेत खरीदने का काम भी विद्युत विभाग में पदस्थ इस कर्मचारी ने किया। जिसकी जांच हो तो कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
आखिर क्यों नहीं हो रही निलंबन की कार्यवाही,
सरकारी जमीन पर शासकीय कर्मचारी का अवैध अतिक्रमण पाया जाता है। तो इसे सिविल सेवा आचरण अधिनियम का उल्लंघन कदाचार की श्रेणी में माना जाता है। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ रतनगढ़ तहसीलदार को निलंबन की कार्रवाई का प्रस्ताव बनाकर विभाग को भेजना चाहिए। ताकि कोई भी सरकारी कर्मचारी इस प्रकार से शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण नहीं करें।
आखिर कब चलेगी जेसीबी