नीमच। एक तरफ स्वच्छता अभियान के तहत जहां नगर परिषद तरह-तरह के कार्यकम करके स्वच्छता में अपना नाम दर्ज करवाती है किन्तु  नीमच जिले के जीरन नगर परिषद स्वच्छता के मामले में बिल्कुल फिसड्‌डी साबित हो रही है। ना तो यहां पर सही से स्वच्छता हो रही है और ना ही अधिकारी ध्यान देते हैं। नगर परिषद के कर्मचारी जो सिर्फ ऑफिस में बैठे रहते हैं परंतु जनता की समस्या से उनका कोई लेना देना नहीं है, कुछ कर्मचारी तो राजनीति करने वाले नेताओं के साथ घूमते हैं और दिन भर छुट्टी मनाते हैं, ऐसे कर्मचारियों पर शासन का शिकंजा कसना चाहिए और कई वर्षों से जीरन नगर परिषद में काम कर रहे कर्मचारी जो कि अपनी सांठ गांठ से सारा काम निकालते हैं, ऐसे कर्मचारियों का ट्रांसफर भी होना चाहिए। वर्तमान स्थिति में जीरन तालाब में जलकुंभी का खतरा मंडरा रहा है परंतु नगर रिषद ने अभी तक कोई ठोस कदम ही उठाया है। जलकुंभी की वजह आने वाले समय में बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है परंतु नगर परिषद को किसी भी समस्या से में कोई लेना-देना नहीं है। वर्तमान एक समस्या बहुत विकराल रूप ले रही है, जिसमें जिन लोगों के निजी प्लांट पड़े हुए है, उन प्लाटों पर गंदगी बिखरी पड़ी है परंतु जच मी नगर परिषद के अधिकारियों को अवगत कराया जाता है। तब सिर्फ नोटिस देकर फॉर्मेलिटी पूरी कर देते हैं और उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं होती है। जहां लोगों के रिक्त प्लाट पड़े हैं, उनमें गंदगी ही गंदगी हो रही है और वह लोग जीरन से दूर बाहर रहते हैं, उनका कोई लेना- देना नहीं है परंतु जो लोग आसपास के घरों में रह रहे हैं, उनको बहुत समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद बार-बार नोटिस देकर जो नौटंकी करती है, यह नौटंकी की वजह से जनता परेशान है। नगर परिषद जीरन को चाहिए कि जिन लोगों के निजी प्लाटों में गंदगी हो रही है, उन प्लाटी के मालिकों पर ठोस कार्रवाई की जाए। एवा समय में जब जीरन में
 स्वच्छता अभियान अच्छा चल रहा था, तब जीरन नगर परिषद ने 25 लख रुपए का इनाम भी प्राप्त किया था. परतु अब कुछ अधिकारियों के लापरवाही की वजह से जीरन की जनता परेशान हो रही है और स्वच्छता अभियान बिल्कुल खत्म सा हो गया है।
इनका कहना बहुत जल्द निजी प्लांट के मालिकों को नोटिस दिए जाएंगे। नगर परिषद की ओर से एका टीम गठित की जाएणी, जो नोटिस देकर रिक्त प्लाट मालिकी से सफाई करवाई जाएगी और अगर यह सफाई नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। -
नंदलाल प्रजापत, मुख्य नगर परिषद अधिकारी जीरण