बड़ीसादड़ी से नीमच रेल लाइन पूर्ण होने की दरकार,कागजों में बनीं योजना,धरातल पर कब दौड़ेगी रेल? कोटा से सिंगोली होकर नीमच और रामगंज मंडी से रामपुरा होकर नीमच रेल लाइन का इंतजार
10 Oct 2024
NEEMUCH NEWS
नीमच। कोई रेल लाइन एक दशक तो कोई डेढ़ दशक से डालने की कवायद हो रही है, लेकिन धरातलपर लाइन बछाने का काम भी शुरू नहीं हो सका है। जनता को चुनाव के समय आश्वासन मिलतेहैं और बाद में बजट में स्वीकृति मिलने का इंतजार करना पड़ता है, वह इंतजार..,इंतजारही रह जाता है। सवाल उठ रहा है कि आश्वासन तो खूब मिल चुके अब धरातल पर रेलगाड़ी कबदौड़ेगी।गौरतलबहै कि नीमच से सिंगोली होकर कोटा, रामगंज मंडी से रामपुरा-कुकड़ेश्वर होकर नीमच और बड़ीसादड़ी से नीमच रेल लाइन की मांग लंबे समय से की जाती रही है। हर बार चुनाव के समय आश्वासनोंकी भभूत जनप्रतिनिधियों द्वारा जनता को दी जाती है। इसके बाद प्रयास भी होते हैं, लेकिनयह प्रयास धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं। उम्मीद है कि नीमच-मंदसौर संसदीय क्षेत्र केसांसद सुधीर गुप्ता और चित्तौड़गढ़ क्षेत्र के सांसद सीपी जोशी के प्रयास से अब इन रेललाइन का काम आकार लेगा।नीमच-रामगंजमंडी रेल लाइन मनासा रामपुरा होते हुए सर्वे स्वीकृतहुए लगभग बारह वर्ष हो चुके हैं लेकिन इस पर कोई भी धरातल पर कार्यवाही नहीं हुईहैं! जबकि भोपाल रामगंजमंडी के 276 किमी लंबे रेल मार्ग में 114 किमी का काम पूराहो गया है। रामगंज-भोपाल रेल मार्ग जल्दी प्रारंभ होनेकी उम्मीद है। दिसंबर 2025 तक इसे पूरा करनेका लक्ष्य रखा गया है। 6सालों से कागजों में सिमटा है प्रोजेक्टरेलवे ने वर्ष 2017-19 में 7.09 करोड़ रुपए का व्यय कर नीमच – सिंगोली-कोटा – नीमच रेल लाइन का सर्वे कराया था।करीब छह साल बाद भी रेल लाइन का प्रोजेक्ट कागजों के बाहर नहीं आ पा रहा है। रेललाइन शुरू होने के बाद नीमच से कोटा की वर्तमान दूरी 110 किमीकम हो जाएगी। रेल परियोजना के पूरे होने से मध्यप्रदेश व राजस्थान के 4 जिलों की 6 तहसीलों के 325 सेअधिक गांव के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। वहीं बेहतर शिक्षा के लिए कोटा जाने वालेमंदसौर व नीमच के विद्यार्थियों की राह आसान हो जाएगी। नीमच से कोटा रेललाइन से यह होगा फायदानीमच से कोटा जाने के लिए सिंगोली होते हुए नई रेल लाइन का सर्वेपूरा हो चुका है। इस रेल लाइन के बनने केबाद, नीमच से कोटा की दूरी 90 किलोमीटरकम होकर 140 किलोमीटर रह जाएगी। अभीकोटा जाने वाली ट्रेनें नीमच से चित्तौड़गढ़ होकर 230 किमी काचक्कर लगाकर कोटा तक जाती है। नई लाइन से सीधे सिंगोली होकर कोटा तक जाने लगेगी। इसरेल लाइन पर जावद रोड, रतनगढ़, सिंगोली,भैंसरोडगढ़, जवाहर सागर स्टेशन होंगे। इस रेल लाइन से रावतभाटा भी रेलवे से जुड़ जाएगा, साथ ही चंदेरिया-नीमच-रतलाम सेक्शन पर यातायात का दबाव कम होगा। माललदान और रेलवे की आय में बढ़ोतरी होगी। इंदौर-रतलाम-नीमचहोकर दिल्ली तक नई ट्रेन चलाने में आसानी होगी। उम्मीद है कि हेडक्वार्टर की स्वीकृति मिलने के बाद रेलवे डीपीआर तैयार कर मुख्यालय भेजदेगा। रेललाइन के लिए ऐसे हुए प्रयाससमाजसेवी मेहबूब मेव ने 7 दिसंबर 2010 को नीमच–सिंगोली-कोटारेल लाइन बिछाने का प्रस्ताव तत्कालीन सांसद मीनाक्षी नटराजन को दिया था। 14 दिसंबर 2011 को सांसदनटराजन ने प्रस्ताव बनाकर रेल मंत्रालय को भेजा। इसके बाद 24फरवरी 2012 को रेल राज्य मंत्री के एच मुनियमा ने रेलवे कोकार्रवाई करने को कहा। 4 मार्च 2013 कोज्योतिरादित्य सिंधिया ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनय मित्तल को इसके समर्थन मेंपत्र लिखा। इसके बाद जनवरी 2024 में सांसद सुधीर गुप्ता ने संसदीयक्षेत्र में रेलवे के सभी अधूरे प्रस्ताव के मामले में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णवसे मुलाकात की। उस समय रेल मंत्री ने इसपरियोजना के लिए राशि मंजूर कर योजना को शुरू कराने का भरोसा दिया। बड़ीसादड़ी से नीमच लाइन का इंतजारसाल 2018 के बजट मेंबड़ीसादड़ी से नीमच तक वाया छोटीसादड़ी होते हुए 48 किमी कानया विद्युतीकृत रेलमार्ग स्वीकृत किया था। इस पर 495.18 करोड़खर्च होने का अनुमान था। इस बार बतौर टोकन मनी सिर्फ 10 करोड़रुपए ही मिल पाए। इस लाइन से छोटीसादड़ी, कारुंडा होते हुए नीमच तक जोड़ने पर प्रतापगढ़ जिले के गांव-शहर रेल लाइन सेजुड़ पाएंगे। प्रतापगढ़ के लोग छोटीसादड़ी आकर नीमच तथा मावली की तरफ जाने के लिएट्रेनों में आ-जा सकेंगे। इस नवीन रेलमार्ग के पूरा होने पर मालवा तथा मेवाड़ कासीधा जुड़ाव होगा। इसके पूरा होने पर व्यापारिक क्षेत्र का जुड़ाव भी हो सकेगा।चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी के प्रयास पर यह रेल लाइन स्वीकृत हुई थी। स्वीकृति औरभूमि पूजन के लंबे समय बाद नीमच-बड़ीसादड़ी रेल लाइन के भूमि अधिग्रहण की कवायदशुरु हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बड़ी सादड़ी-नीमचब्रॉडगेज रेल परियोजना के लिए प्रतापगढ़ जिले की छोटी सादड़ी तहसील में 38.3649हैक्टेयर भूमि रेलवे को आवंटित करने की स्वीकृति दी है। बड़ीसादड़ी से नीमच के बीच 5 रेलवे स्टेशनों का होगा निर्माणइसपरियोजना में बड़ी सादड़ी से नीमच के बीच 5 स्टेशनोंका निर्माण होगा। जिनमें चैनपुरिया, जलोदा जागीर, बरवाड़ा गुजर, छोटी सादड़ी और नारायणी रेलवे स्टेशनप्रमुख हैं। यह परियोजना मावली से बडी सादड़ी तक की रेल लाइन का विस्तार है। पुरानेमार्ग पर 2 ट्रेनें ही संचालित हो रही थी, इस रेल मार्ग के विस्तृत होने से यह मध्यप्रदेश के नीमच से जुड़ पाएगा। साथही उदयपुर से रतलाम के लिए नया वैकल्पिक रेल मार्ग बनने से ट्रेनों के फेरो मेंवृद्धि होगी।………………..