नीमच । कमल राणा जिसके बारे में कहा जाता है जीरन थाना, हर्कियाखाल चौकी और चीताखेड़ा पुलिस चौकी । तीनों जगह का पुलिस स्टाफ कमल राणा पर कार्यवाही के नाम पर अपने कदम पीछे खिसका लेता हैं। सालों से यहां के पुलिस स्टाफ पर कमल राणा के हाथों पुरस्कृत होने के आरोप लगते रहे। इसलिए पुलिस कार्यवाही नहीं करती और राजस्थान पुलिस आकर जीरन की आंखों के नीचे कमल राणा के गुर्गे को उठाकर ले जाती। छोटी सादड़ी पुलिस ने चीताखेड़ा में दबिश दी और कमल राणा के खास गुर्गे भीम सिंह बावरी को गिरफ्तार कर लिया लेकिन जीरन पुलिस के हाथ भीम सिंह बावरी नहीं आया । जीरन पुलिस की हालत यह है कि यहां पुलिस कमल राणा के खिलाफ कार्यवाही करना तो दूर उसका नाम तक नहीं लेती।  कुछ महीने पहले जीरन-चीताखेड़ा से कमल राणा का डोडाचूरा से भरा ट्रक भेजा जो दलौदा में पकड़ा गया। उसके बाद रतलाम डीआईजी द्वारा 20 हजार का ईनाम घोषित किया गया। बावजूद इसके जीरन, हर्कियाखला और चीताखेड़ा पुलिस के कमल राणा हाथ नहीं आ रहा है। इसका सीधा जवाब है कि खाकी में दाग है, जो नीमच पुलिस पर हमेशा लगते आए हैं। पूर्व एसपी सूरज वर्मा ने कमल राणा के खिलाफ न तो दंबगई और न ही सख्ती दिखाई। हां वर्तमान डीआईजी मनोज सिंह ने नीमच एसपी रहते वक्त कमल राणा नाक में नकेल डाल दी थी।

नए एसपी को उठाना होगा सख्त कदम- सलाखों में नजर आएगा कमल राणा

नए एसपी अमित तौलानी को अब सख्त कदम उठाने की जरूरत है, तभी कमल राणा सलाखों के पीछे आ सकता है। इसके लिए सबसे पहले तो जीरन, चीताखेडा और हर्कियाखाल में सालों से जमे वे पुलिसकर्मी जो राणा के हाथ की कठपुतली बने हैं, उन्हें हटाए और नया मुखबिर तंत्र मजबूत कर कमल राणा को सलाखों के पीछे कर सकते हैं। इससे पुलिस की छवि भी सुधरेगी और कमल राणा ओर पुलिस का भ्रष्टतंत्र भी खत्म होगा।

मंदिरों पर खुले आम घूमता कमल राणा

यह कमल राणा का नया हुलिया है अब वह ऐसा दिखता है और मंदिरों पर खुले आम घूमता है। पिछले दिनो नवरात्रि में वह आवरी माता मंदिर में देखा गया था, उसके बाद हनुमान जंयती पर जीरन, चीताखेड़ा और हर्कियाखाल के बालाजी मंदिर मेँ भी देखा गया। बताया जाता है कि वह अपने गुर्गे हुसैन और जीतू के घर भी आता जाता है।