नीमच। सन 2019 में नगरपालिका अध्यक्ष रहते हुए राकेश पप्पू जैन पर आर्थिक अनियमितता करने के आरोप लगे थे। और शिकायत लोकायुक्त तक पहुंची थी। 2022 में हुई शिकायत की करीब एक साल तक चली जांच के बाद लोकायुक्त से मिली क्लीन चिट के आधार पर नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने तत्कालीन नपाध्यक्ष श्री जैन को आरोप मुक्त कर दिया है। बता दें कि मनासा निवासी राजेंद्र पुरोहित नामक व्यक्ति ने लोकायुक्त उज्जैन को वर्ष 2022 में शिकायत की थी, जिसमें आरोप लगाए थे कि 2014 से 2019 तक नगरपालिका नीमच के अध्यक्ष रहे राकेश पप्पू जैन ने नपाध्यक्ष कार्यकाल के दौरान नवनिर्मित शासकीय से भवनों, स्वागत द्वारों, बगीचों में महापुरूषों के नाम लिखे जाने समेत विभिन्न कार्यों में बगैर तकनीकि स्वीकृत्ति लिए लाखों का भुगतान कर भारी आर्थिक अनियमितता की हैं। शिकायत को लोकायुक्त ने जांच में लेकर नपा सीएमओ को नोटिस जारी कर नपाध्यक्ष रहे पप्पू जैन के कार्यकाल में किए कार्यों के दस्तावेज तलब किए थे। इसके अलावा श्री जैन को भी नोटिस देकर जवाब मांगा था। लोकायुक्त को दिए जवाब में श्री जैन ने स्पष्ट किया था कि उनके कार्यकाल में जो भी कार्य हुए और उनकी  स्वीकृत्ति के दौरान कहीं अधिकारियों ने इसका उल्लेख नहीं किया कि तकनीकि स्वीकृति अनिवार्य है।  बावजूद इसके उन्होंने जो कार्य कराए या पीआईसी के माध्यम स्वीकृत्ति जारी कराई, उसकी नोटशीट में स्पष्ट किया है कि नपा अधिनियम का पालन करें, जांच लें। ऐसे में उनके समक्ष नपा संबंधित जिस भी कार्य का प्रकरण आया, उसमें उन्होंने नपा अधिनियम की जांच करने के निर्देश दिए हैं। जवाब श्री जैन ने कहा था कि उनके द्वारा कोई भी अनियमितता नहीं की गई और जो भी आरोप लगाए वे निराधार हैं। जिसके लिए वे उतरदाता नही हैं। नपा नीमच से उपलब्ध दस्तावेजों की जांच से भी यह बात स्पष्ट हैं की जब भुगतान श्री जैन ने नही किया तो आर्थिक अनियमितता कैसे। इसके बाद लोकायुक्त ने जांच रिपोर्ट बनाकर नगरीय विकास एवम आवास विभाग को भेज दी थी। जिस पर अपर सचिव हर्षल पंचोली के हस्ताक्षर से तत्कालीन नपाध्यक्ष श्री जैन को आरोपों से मुक्त करने का आदेश जारी किया हैं।