नीमच। शहर के लायन डेन में आज स्वर्गीय कश्मीरी लाल अरोरा की स्मृति में आयोजित अंतरराष्ट्रीय शतरंज टूर्नामेंट का शुभारंभ भव्यता और गरिमा के साथ हुआ। यह ऐतिहासिक आयोजन नीमच को अंतरराष्ट्रीय शतरंज मानचित्र पर स्थापित करते हुए खेल प्रेमियों के लिए एक यादगार अवसर सिद्ध होने जा रहा है। प्रतियोगिता की सबसे बड़ी विशेषता 5 वर्ष के नन्हे बालक से लेकर 85 वर्ष के वरिष्ठ खिलाड़ी की सहभागिता है, जिसने यह सिद्ध कर दिया कि शतरंज उम्र का नहीं, बल्कि बुद्धि, साधना और एकाग्रता का खेल है। नीमच के उभरते खिलाड़ी साहेब सिंह गोत्रा से लेकर झांसी (उत्तर प्रदेश) के 85 वर्षीय आरके गुप्ता की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया है। डिस्ट्रिक्ट चेस एसोसिएशन के अध्यक्ष विजयरत्न गर्ग एवं ऑर्गेनाइजिंग कमेटी के अध्यक्ष नरेंद्र सोनी के नेतृत्व में, अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फीडे) के निर्देशन में आयोजित इस टूर्नामेंट में 300 से अधिक प्रतिभावान खिलाड़ी भाग लेकर उच्च स्तरीय मुकाबलों में अपनी बुद्धिमत्ता का प्रदर्शन करेंगे। पूरे आयोजन के दौरान खेल भावना, अनुशासन और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। शुभारंभ अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे नीमच के खेल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया। समाजसेवी एवं प्रायोजक अशोक अरोरा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से जिले की खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर प्राप्त होता है। यह टूर्नामेंट न केवल खिलाड़ियों को फीडे रेटिंग अर्जित करने का अवसर प्रदान करेगा, बल्कि नीमच को एक सशक्त खेल नगरी के रूप में पहचान भी दिलाएगा। इस अवसर पर अशोक अरोरा,मनीष जोशी, भूपेंद्र गौड़,मोनू लोक्स सहित अनेक गणमान्य नागरिक विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सज्जन सिंह चौहान,आरवी गोयल,सुरेंद्र सेठी,राकेश सोन,दीपक खताबिया,वंदना खंडेलवाल,तरुण बाहेती, उमराव सिंह गुर्जर एवं नंदकिशोर जोशी मंचासीन रहे।