नीमच – शहर में विकास की सौगातों के साथ साथ भ्रष्टाचार का नासूर अपना प्रभाव छोड़ता हुआ जा रहा है, जो एक आम शहरी को तो नजर आ रहा है, लेकिन जिम्मेदारों और जनप्रतिनिधियों की निगाहों से धरातल पर साफ दिख रहा ये भ्रष्टाचार ओझल है…ऐसे में सरकारी धन को किस कदर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया जा जाता है, और किस तरह इस पर स्थानीय जनप्रतिनिधि भी चुप्पी साधे रहता है, इसकी एक बानगी हाल ही में शहर के वार्ड क्रमांक 20 में नवनिर्मित सड़क के रूप नजर आ रही है, जहां विकास वादी सोच के साथ शहर को एक नया रूप देने में प्रयासरत नपा अध्यक्ष के प्रयासों को धरातल पर निर्माण कार्यों के दौरान किस कदर पलीता लगाया जा रहा है, उसका एक बड़ा उदाहरण पुस्तक बाजार कॉर्नर से लेकर मीना बाजार और कमल चौक चौराहे तक निर्मित यह सड़क मार्ग है,..जो बरसों से तो पहले ही जर्जर अवस्था में था, लेकिन जैसे ही विकास ने यहां अपने कदम रखे तो, जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की लालसा भी जागी और चढ़ा दिया सड़क को भ्रष्टाचार की भेंट…?
जानकारी के लिए बतादें की उक्त नवनिर्मित सड़क उसी वार्ड क्रमांक 20 के अंतर्गत आती है, जहां के पूर्व पार्षद को लोकायुक्त की टीम ने रिश्वतखोरी के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया था…लिहाजा यहां स्पष्ट है कि जब वार्ड के स्थानीय जनप्रतिनिधि के हाथ ही भ्रष्टाचार से रंगे हो तो विकास कार्यों का भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ना तो तय है…हालिया दिनों में शहर के स्थानीय मुद्दों में प्रमुखता से शामिल इस सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का यह मुद्दा चर्चा का विषय बनकर गर्माया हुआ है, जो शहर के प्रमुख अखबारों से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सुर्खियां बटोर रहा है…बहरहाल शहर में छोटे से विकास के नाम पर नपा के जिम्मेदारों का यह बड़ा भ्रष्टाचार बांहे फैलाकर लेटा है, जिसे देखकर हर कोई स्थानीय जनप्रतिधियों को कोसता हुआ नजर आ रहा है…!