नीमच। मनासा। नगर में गुइलेन बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के प्रकोप से हड़कंप मच गया है। इस गंभीर बीमारी से अब तक दो बच्चों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भोपाल, उज्जैन और नीमच से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें मनासा नगर में पहुंचकर सर्वे और जांच कार्य कर रही हैं। अब तक नगर में 9 मरीजों में जीबीएस के लक्षण पाए गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह बीमारी पैरों से शुरू होकर इम्युनिटी सिस्टम पर हमला करती है। शुरुआती लक्षणों में पैरों में झनझनाहट, सूजन और कमजोरी शामिल हैं, जो धीरे-धीरे शरीर के ऊपरी हिस्सों तक फैल सकती है। आज स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ, डब्ल्यूएचओ और मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की टीम मनासा नगर के सभी 15 वार्डों में घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि यह बीमारी नालों से सप्लाई हो रहे दूषित पानी के कारण फैल रही है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को पेयजल उबालकर पीने की सलाह दी है। साथ ही साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि ठंड के मौसम में इस बीमारी के फैलने की संभावना अधिक रहती है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की गई है। विधायक अनिरुद्ध माधव मारू की जनहित अपील-विधायक अनिरुद्ध माधव मारू ने आमजन से गुइलेन बैरे सिंड्रोम को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जीबीएस का पानी से कोई संबंध नहीं है और यह कोई संक्रामक रोग भी नहीं है, अर्थात यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता। विधायक मारू ने बताया कि जीबीएस एक ऐसी बीमारी है जो व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) से जुड़ी होती है। कुछ मामलों में सामान्य संक्रमण, जैसे सर्दी-खांसी, बुखार या पेट के संक्रमण के बाद शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से नसों पर हमला करने लगती है, जिससे यह रोग उत्पन्न होता है।
उन्होंने जीबीएस के प्रारंभिक लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया कि पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन, पैरों में कमजोरी और चलने में कठिनाई, धीरे-धीरे कमजोरी का ऊपर की ओर बढ़ना, हाथों में कमजोरी या पकड़ ढीली पड़ना, कमर या पैरों में दर्द तथा कुछ मामलों में सांस लेने में तकलीफ इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। विधायक मारू ने कहा कि यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दें तो घबराने के बजाय तुरंत नजदीकी चिकित्सक या अस्पताल से संपर्क करें। समय पर उपचार से इस बीमारी में सुधार संभव है। अंत में उन्होंने नागरिकों से पुनः अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें, सही जानकारी अपनाएं और समाज में जागरूकता फैलाएं।


