जावद जनपद अध्यक्ष गोपाल चारण ने बताया कि इस गंभीर हालात के बीच मध्यप्रदेश शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री व विधायक ओमप्रकाश सखलेचा ने सोमवार को खुद ओलावर्ष्टि से प्रभावित गांव-गांव पहुचकर और किसानों के खेतों में उतरकर नुकसान का प्रत्यक्ष जायजा लिया। विधायक सखलेचा ने जावद क्षेत्र के ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों से बातचीत की और फसल नुकसान की वास्तविक स्थिति देखी। किसानों ने उन्हें बताया कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी फसलें गिर गईं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हुई है।

खेतों में पहुंचकर किसानों का दर्द सुना, दिया भरोसा,विधायक ओमप्रकाश सखलेचा ने बताया कि खेतों में नुकसान देखकर किसानों की पीड़ा को समझते हुए कहा कि— “किसान हमारा अन्नदाता है, उनकी मेहनत पर पानी फिरते देख मन व्यथित है। संकट की इस घड़ी में सरकार और मैं किसानों के साथ खड़े हैं।” उन्होंने मौके पर मौजूद किसानों को ढांढस बंधाया और भरोसा दिलाया कि किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

पटवारी-आरआई को मौके पर बुलाया, सर्वे में लापरवाही नहीं चलेगी,किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक सखलेचा ने मौके पर ही पटवारी एवं आरआई को तलब किया और सख्त निर्देश दिए कि तत्काल फसल नुकसान सर्वे शुरू किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से नुकसान का आकलन किया जाए, हर पात्र किसान का नाम सर्वे सूची में शामिल हो और मुआवजे के प्रकरण तुरंत तैयार कर आगे भेजे जाएं। विधायक ने स्पष्ट किया कि सर्वे में देरी या भेदभाव किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कलेक्टर से चर्चा, मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री को पत्र और मुलाकात की तैयारी,विधायक सखलेचा ने बयान जारी करते हुए कहा कि बड़े पैमाने पर नुकसान की जानकारी उन्होंने प्रशासन तक पहुंचा दी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने कलेक्टर हिमांशु चन्द्रा से चर्चा कर सर्वे शीघ्र कराने और अधिक से अधिक सहायता राशि स्वीकृत कराने की मांग की है। विधायक ने यह भी कहा कि वे जल्द ही स्वयं मुख्यमंत्री से मिलकर जावद क्षेत्र के प्रभावित किसानों को अधिकतम राहत दिलाने का प्रयास करेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण किसान एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।