नीमच। सगराना गांव में निर्माणाधीन फैक्ट्री का विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक अखाड़ा बन गया है। इस मामले में नया मोड़ तब आया जब महिला सरपंच रानी बाई ने कैंट थाने में भारी हंगामे के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली पर उंगली उठा दी। सरपंच का सीधा आरोप है कि जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और उनके इशारे पर ही पुलिस सरपंच पति विक्रम सिंह राजपूत को झूठे मामले में फंसाने की साजिश रच रही है।

अध्यक्ष के बेटे-भांजे से विवाद के पीछे सत्ता का दबाव-
शुक्रवार को गोल्डक्रैश फैक्ट्री परिसर में जिला पंचायत अध्यक्ष के बेटे इंद्रजीत और भांजे आदित्य के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस की एकतरफा कार्रवाई पर सरपंच पक्ष ने आक्रोश जताया है। सरपंच रानी बाई का कहना है कि पुलिस केवल सत्ता पक्ष के रसूखदारों की बात सुन रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष के परिजन वहां भुगतान लेने के बहाने विवाद करने पहुंचे थे और अब अपनी सत्ता का लाभ उठाकर सरपंच परिवार को प्रताड़ित करने का खेल खेल रहे हैं।

थाने में हंगामा, पुलिस पर पक्षपात के आरोप-
कैंट थाने पहुंची महिला सरपंच ने पुलिस अधिकारियों के सामने जमकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके देवर महेंद्र सिंह और पति विक्रम सिंह को केवल राजनीतिक रंजिश के चलते निशाना बनाया जा रहा है। सरपंच पक्ष के अनुसार, जिला पंचायत अध्यक्ष का फैक्ट्री में हस्तक्षेप और वहां रेत सप्लाई के बहाने अपनी धौंस जमाना ही विवाद की असली जड़ है। अब इसी मामले में पुलिस पर राजनीतिक दबाव बनाकर उनके परिवार के खिलाफ गंभीर धाराएं लगवाई जा रही हैं।

अपराधिक रिकॉर्ड के नाम पर छवि बिगाड़ने की कोशिश-
सरपंच ने पुलिस द्वारा उनके परिजनों के पुराने रिकॉर्ड खंगालने की कार्रवाई को भी षड्यंत्र का हिस्सा बताया। उनका कहना है कि पुराने विवादों को ढाल बनाकर वर्तमान घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है ताकि गांव की राजनीति में उन्हें नीचा दिखाया जा सके। इधर, कैंट पुलिस ने अध्यक्ष के परिजनों की शिकायत पर मामला तो दर्ज कर लिया है, लेकिन सरपंच पक्ष के इन गंभीर आरोपों ने पुलिस की निष्पक्षता को संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने की बात कह रही है, जबकि सरपंच पक्ष न्याय के लिए लड़ने की चेतावनी दे रहा है।