नीमच। आध्यात्मिक चेतना और लोक कल्याण की कामना के साथ ग्राम रायसिंहपुरा में आयोजित त्रि-दिवसीय पञ्चकुण्डीय रुद्र महायज्ञ और शिव परिवार प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का शनिवार को भव्य समापन हुआ। तीन दिनों तक चले इस अनुष्ठान ने क्षेत्र में भक्ति की नई बयार बहा दी, जिसका समापन महा-पूर्णाहूति और मंदिर शिखर पर कलश स्थापना के साथ हुआ।
शास्त्रोक्त विधि से हुई प्राण-प्रतिष्ठा,महायज्ञ के अंतिम दिन शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त में भगवान शिव परिवार का 1000 कलशों के जल से सहस्त्रधारा महाभिषेक किया गया। वैदिक विद्वान ब्राह्मणों के मार्गदर्शन में शास्त्रों में वर्णित न्यास और स्नपन विधि के माध्यम से मूर्तियों में प्राण-प्रतिष्ठा की गई। दोपहर को अभिजीत मुहूर्त में मंदिर के शिखर पर भव्य स्वर्ण कलश की स्थापना की गई, जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े।
ढाई लाख आहुतियों से महकी यज्ञशाला,यज्ञ के मुख्य पंडित नारायण शर्मा ने बताया कि पिछले तीन दिनों से चल रहे इस पञ्चकुण्डीय रुद्र महायज्ञ में प्रतिदिन लगभग 51 जोड़ों ने यजमान के रूप में बैठकर पूजन किया। इस दौरान विभिन्न जड़ी-बूटियों, औषधियों और घी के माध्यम से 2 लाख 50 हजार से अधिक आहुतियां दी गईं।
भक्ति के सैलाब में डूबा गांव,महोत्सव के समापन पर रायसिंहपुरा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में माताएं, बहनें और ग्रामीणजन पहुंचे। कार्यक्रम के अंत में विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया। यज्ञाचार्य ने बताया कि यह आयोजन शुक्ल यजुर्वेदीय परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य ग्रामवासियों की सुख-समृद्धि और विश्व शांति है।