नीमच । सेन समाज प्राचीन काल से ही परिश्रमी और पुरुषार्थी रहा है ।आज समय परिवर्तनशील है हम बेटों के साथ बेटियों को भी पढ़ाये, बेटों को रोजगार के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना माता-पिता के लिए चिंतन का विषय है। शिक्षित बेटी दो परिवारों को संस्कारित करती है। इसलिए सभी माता-पिता बेटों के साथ बेटियों को भी शिक्षा में सहयोग करें तो विकसित समाज की अवधारणा पूरी हो सकती है यह बात विधायक दिलीप सिंह परिहार ने कही वे ।अटल बिहारी वाजपेई सभागार टाउन हॉल में रविवार सुबह जिला सेन समाज संगठन नीमच के तत्वाधान में जिला युवा सेन समाज द्वारा आयोजित परिचय सम्मेलन में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि दान देने से धन कभी कम नहीं होता है । समाज की धर्मशाला निर्माण के लिए विधायक निधि से 2लाख51हजार की राशि प्रदान करने की घोषणा की गई । वरिष्ठ समाज सेवी संतोष चोपड़ा ने कहा कि सामूहिक विवाह आधुनिक युग की आवश्यकता है। बच्चों का विवाह माता-पिता का कर्तव्य होता है। बच्चों को रोजगार के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना भी माता-पिता के लिए आधुनिक युग में एक चुनौती है। स्कीम नंबर 36 में समाज की धर्मशाला के लिए संपर्क सड़क व पेवर ब्लॉक निर्माण विकास कार्य नगर पालिका के माध्यम से शीघ्र निर्माण का नगर पालिका में प्रस्ताव पारित करवा कर कार्य प्रारंभ करवाने के लिए प्रयास किया जाएगा। संरक्षक एडवोकेट दीपक गहलोत ने कहा कि समाज के कार्यकर्ताओं के परिश्रम से ही 364 युवक यूवतियों का पंजीयन किया गया है। 15 से अधिक पंजीयन कार्यक्रम स्थल पर ही हुए हैं लगभग 400 से अधिक पंजीयन हुए हैं जो समाज के लिए ऐतिहासिक है जिला अध्यक्ष सुखलाल सेन ने कहा कि इस परिचय सम्मेलन का परिणाम में जो भी रिश्ते चयन होंगे ,उनका 28 अप्रैल को भादवा माता में सामूहिक विवाह में विवाह कराया जाएगा यह जिले का तीसरा सामूहिक विवाह सम्मेलन है ,मध्य प्रदेश में सर्वप्रथम विभाग करने का सौभाग्य नीमच जिले को प्राप्त है। सम्मेलन में मध्य प्रदेश राजस्थान छत्तीसगढ़ हरियाणा सहित देश भर के बड़ी संख्या में समाज जन सहभागी बनें । इस अवसर पर समाज के विवाह योग्य युवक युवतियों की शैक्षणिक पारिवारिक जानकारी के लिए समाज द्वारा जोग संजोग परिचय पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। सभी अतिथियों का सम्मान पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया गया।इस अवसर पर कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों को पीतांबरी दुपट्टा पहना कर समाज पदाधिकारीयों द्वारा सम्मान किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ सेन जी महाराज के चित्र पर अतिथियों द्वारा माल्यार्पण एवं दीपक प्रज्वलित कर किया गया।कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय प्रचारक विष्णु सेन कच्छावा, परिचय सम्मेलन अध्यक्ष विनोद गेहलोत ,सेन,वरिष्ठ नेता, संतोष चोपड़ा, कांग्रेस जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती, पार्षद योगेश प्रजापति,, कवि दिनेश भारती इंदौर, भारत सिसोदिया, श्रीमती भगवती चौहान, बंसीलाल राठौर, महेंद्र, सुरेंद्र मदन लाल चौहान, नीमच तहसील युवा अध्यक्ष मनीष सेन , नवीन सेन, सेन वाटिका अध्यक्ष रमन कुमार गहलोत भादवा माता समिति अध्यक्ष करण कुमार टांक, नारायणी माता मंदिर समिति अध्यक्ष नरेंद्र कुमार चांगल, सामूहिक विवाह सम्मेलन अध्यक्ष भगवती प्रसाद देवड़ा,
सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाज जन सेवा की बने।सम्मेलन का उद्देश्य सेन समाज के योग्य युवक युवतियों को एक ही छत के नीचे समय व श्रम की बचत के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया। समाज के शिक्षित और रोजगार से जुड़े युवक युवतियों को एक संयुक्त मंच प्रदान किया गया ताकि आपसी परिचय और संवाद को प्रोत्साहन मिल सके। सेन समाज के जिला अध्यक्ष सुखलाल सेन तारापुर, जिला युवा सेन समाज अध्यक्ष चमन सेन तथा परिचय सम्मेलन अध्यक्ष विनोद सेन नीमच ने बताया कि संगठन के परिश्रम और पुरुषार्थ से अब तक 362 पंजीयन प्राप्त हुए हैं इनमें मालवांचल के जिलों के साथ ही राजस्थान के आसपास के जिले और पूरे मध्य प्रदेश से युवक युवतियों, अभिभावकों एवं समाज जनों ने पंजीयन कराया है गुजराती सेन समाज मंदसौर के नगर युवा अध्यक्ष राकेश जैन सम्राट चुकनी, समाज सेवी पत्रकार जगदीश सेन डिकेन और युवा संगठन नीमच के जिला सचिव शिवम सेन ने बताया कि सभी संगठन पदाधिकारी द्वारा सहभागिता निभाकर कार्यक्रम को नई ऊंचाई या प्रदान की गई है। जो अभ्यर्थी पंजीयन नहीं करवा पाए उन्होंने रविवार को भी समाज के सम्मेलन में 15 से अधिक युवक युवतियों ने परिचय के लिए पंजीकरण कराया । श्रीमती भगवती चौहान द्वारा इंस्टाग्राम पर मोबाइल के माध्यम से सीधा प्रसारण प्रसारित किया गया। कार्यक्रम का संचालन दीपक सोलंकी एवं युवक युवती परिचय सम्मेलन का संचालन दिनेश राठौर तथा उभरती युवा वेडिंग एंकर लक्षिता गंगवाल ने संयुक्त रूप से किया। आभार नरेंद्र गहलोत ने व्यक्त किया।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, परिचय सम्मेलन में जल सेवा केंद्र पर प्लास्टिक की डिस्पोजल सामग्री का उपयोग नहीं किया गया और स्टील के लोटे और गिलास का उपयोग किया गया और इको फ्रेंडली पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया
-कार्यक्रम की झलकियां-प्रवेश द्वार पर प्रत्येक समाज जन के प्रवेश पर कुमकुम तिलक लगाकर पुष्प वर्षा कर आत्मिय अगवानी की गई।प्रत्येक युवक युवतियों के परिचय के साथ देशभक्ति गीत संगीत की स्वर लहरिया बिखर रही थी।,
प्रवेश द्वार के समीप तीन अलग-अलग कक्ष बनाए गए जिसमें एक में पंजीयन कक्ष तथा दूसरे में स्वागत कक्ष तथा एक अन्य कक्ष और बनाया गया जिसमें युवक- युवतियों के लिए आपस में एक दूसरे को पसंद करने तथा अभिभावकों द्वारा रिश्ते के लिए बातचीत करने का स्थान निर्धारित किया गया था। जन्मपत्री का कुंडली मिलान के लिए पंडित की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।


