नीमच जिले के मनासा से एक सनसनीखेज फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है,जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भतीजे के नाम पर एक कथित और अवैध कॉलोनी का शुभारंभ करवा दिया गया। इस पूरे मामले में मंदसौर का कुख्यात भूमाफिया कोमल बाफना और उज्जैन निवासी बबलू उर्फ गोविंद यादव की भूमिका सामने आई है।जानकारी के मुताबिक,मनासा क्षेत्र में श्री बद्रीविशाल मंदिर की भूमि पर बनाई जा रही “खाटू श्याम कॉलोनी” के शुभारंभ के लिए सीएम के बड़े भाई नारायण यादव के बेटे अभय यादव के नाम का दुरुपयोग किया गया। बैनर, पोस्टर और अखबारों में नारायण यादव की तस्वीरों के साथ प्रचार किया गया,ताकि लोगों को लगे कि कॉलोनी को मुख्यमंत्री परिवार का संरक्षण प्राप्त है। आरोप है कि पहले यह प्रचार किया गया कि नारायण यादव स्वयं शुभारंभ करने आ रहे हैं। बाद में यह कहकर बात पलट दी गई कि वे नहीं आ पाएंगे और उनके बेटे अभय यादव आएंगे। इसी बीच एक नकली व्यक्ति को अभय यादव बताकर मंच पर खड़ा किया गया और उसका भव्य स्वागत कराया गया। फर्जीवाड़े की पोल तब खुली,जब मनासा के कुछ लोगों ने असली अभय यादव को व्यक्तिगत रूप से जानने के कारण इस पूरे खेल की जानकारी मुख्यमंत्री के बड़े भाई नारायण यादव तक पहुंचा दी। इसके बाद नारायण यादव ने नीमच एसपी अंकित जायसवाल से पूरे मामले में कार्रवाई की बात कही। 8 फरवरी को मनासा थाना प्रभारी शिव रघुवंशी ने भूमाफिया कोमल बाफना को थाने बुलाकर करीब छह घंटे तक बैठाए रखा। बताया जा रहा है कि इस दौरान कोमल बाफना थाने में माफी मांगता और गिड़गिड़ाता रहा। हालांकि शाम होने के बाद उसे छोड़ दिया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि नकली अभय यादव के रूप में पेश किया गया व्यक्ति उज्जैन निवासी बबलू उर्फ गोविंद यादव है,जो खुद को मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताता रहा। आरोप है कि कोमल बाफना पहले भी नीमच और मंदसौर जिलों में सीएम के बड़े भाई से नजदीकी का हवाला देकर अवैध कॉलोनियों और अन्य गतिविधियों को अंजाम देता रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव और उनके भाई नारायण यादव तक पहुंच चुकी है। अवैध कॉलोनियों और नाम के दुरुपयोग को लेकर जल्द ही भूमाफिया कोमल बाफना पर बड़ी प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई हो सकती है।ो