नीमच। जिले के चीताखेड़ा गांव में एक गरीब किसान परिवार की कीमती कृषि भूमि हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित चतुरभुज सालवी ने अपने ही पड़ोसियों पर कोर्ट केस सुलझाने का झांसा देकर जमीन हड़पने और बाद में उसे आगे बेच देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में आरोपी रजनीश शर्मा और उनकी पत्नी ममता शर्मा बताए जा रहे हैं, जो खुद को राजनीतिक रसूखदार बताते हैं।

विवाद सुलझाने के नाम पर कराई रजिस्ट्री-पीड़ित के अनुसार, उनकी सर्वे नंबर 1503/1 की जमीन को लेकर भाई चांदमल से पुराना विवाद न्यायालय में चल रहा है। इसी विवाद का फायदा उठाकर पड़ोसी रजनीश शर्मा ने खुद को “पटवारी से लेकर कोर्ट तक सेटिंग वाला” बताते हुए भरोसा दिलाया कि वह मामला उनके पक्ष में निपटा देगा। बदले में उसने जमीन की रजिस्ट्री अपनी पत्नी ममता शर्मा के नाम कराने को कहा।न पैसे मिले, न सुलझा विवाद- चतुरभुज सालवी का आरोप है कि रजिस्ट्री के बदले उन्हें एक रुपया भी नहीं दिया गया। न तो कोर्ट केस सुलझा और न ही कोई कानूनी राहत मिली। उल्टा, रजिस्ट्री होने के बाद आरोपियों ने उसी जमीन को आगे अन्य लोगों को बेचकर पैसे वसूल लिए। जमीन मांगी तो बताया ‘दान’- जब पीड़ित के पोते राजेश सालवी ने जमीन वापस मांगी, तो आरोपियों ने नया पैंतरा चल दिया। परिवार को यह कहकर डराया गया कि जमीन ‘दान’ में दी गई थी और दान की गई संपत्ति वापस नहीं ली जाती। इसके साथ ही गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी गईं।

ऑडियो में दबाव और धमकी- पीड़ित परिवार के पास एक ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा है, जिसमें आरोपी खुद को भाजपा नेता और विधायक प्रतिनिधि बताकर कहते सुने जा रहे हैं— “जो करना है कर लो।” ऑडियो में राजनीतिक प्रभाव और कानूनी उलझनों का डर दिखाकर जमीन छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है, SP से लगाई गुहार–चतुरभुज सालवी ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि वे ग्रामीण और कम पढ़े-लिखे हैं। आरोपियों ने इसी कमजोरी का फायदा उठाकर आपराधिक षड्यंत्र रचा। अब परिवार न्याय और अपनी जमीन की वापसी के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा है।