नीमच। जिला चिकित्सालय के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.योगेंद्र धाकड़ ने अपनी 8 वर्षीय सुपुत्री अनाघा धाकड़ का जन्मदिन परंपरागत चॉकलेट के बजाय ‘सेहत’ बाँटकर मनाया। डॉ. धाकड़ ने स्कूल में बच्चों को फल वितरित कर समाज को जंक फूड के खिलाफ एक कड़ा संदेश दिया है। उनका मानना है कि वर्तमान में बच्चे अनहेल्दी डाइट के कारण कम उम्र में ही गंभीर बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं,जिसे रोकना अब अनिवार्य हो गया है। डॉ. धाकड़ ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि भारत तेजी से ‘डायबिटीज की राजधानी’ बन रहा है और देश में लगभग 4 करोड़ बच्चे मोटापे से पीड़ित हैं। जंक फूड जैसे चॉकलेट,पिज्जा, बर्गर और नूडल्स में अत्यधिक शुगर,नमक और हानिकारक फैट होता है,जो बच्चों में मोटापा,पीसीओडी,हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसी बीमारियों का मुख्य कारण है। उदाहरण के तौर पर,एक छोटी चॉकलेट बार में ही लगभग 250 कैलोरी होती है,जो पोषक तत्वों के मामले में शून्य है। अपनी इस पहल को एक अभियान का रूप देते हुए डॉ. धाकड़ अब नीमच जिले के सभी स्कूलों के प्राचार्यों को पत्र लिखकर जंक फूड को प्रतिबंधित करने और बच्चों को स्वस्थ विकल्पों के प्रति जागरूक करने का अनुरोध करेंगे। उन्होंने अपील की है कि अभिभावक और स्कूल मिलकर बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए फलों, सब्जियों और साबुत अनाज को बढ़ावा दें। डॉ. योगेंद्र धाकड़ की इस सकारात्मक पहल की शहर में काफी सराहना हो रही है।


