नीमच । जिले के जावद से लगे नयागांव फोरलेन पर स्थित रेलवे फाटक क्षेत्रवासियों के लिए गंभीर समस्या बन चुका है। इस फाटक से अधिकांशतः मालगाड़ियों का ही आवागमन होता है, इसके बावजूद फाटक बार-बार और लंबे समय तक बंद रहता है। स्थिति यह है कि फाटक बंद होने पर कई बार आधे घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ता है, जिससे आमजन का समय नष्ट हो रहा है और यातायात पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाता है। यह मार्ग नीमच, मंदसौर से राजस्थान की ओर जाने वाला मुख्य हाइवे है। प्रतिदिन हजारों वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं। फाटक बंद होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं। ट्रेन निकलने के बाद भी गेट तुरंत नहीं खोले जाते, जिससे 5 से 10 मिनट अतिरिक्त इंतजार करना पड़ता है।
सबसे चिंताजनक स्थिति तब बनती है जब फाटक बंद रहने के दौरान एम्बुलेंस जाम में फंस जाती है। नीमच और मंदसौर जिले से गंभीर मरीजों को राजस्थान के चिकित्सालयों में रेफर किया जाता है, लेकिन कई बार एम्बुलेंस घंटों जाम में फंसी रहती है। इससे मरीजों की जान को सीधा खतरा पैदा हो जाता है। गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थी भी इस जाम से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या निजी फैक्ट्रियों के हित में चल रही मालगाड़ियों के कारण रोजमर्रा की बात बन चुकी है। पहले खोर रेलवे फाटक पर इंतजार, फिर नयागांव फाटक और उसके बाद थोड़ी ही दूरी पर टोल प्लाजा—इस पूरी प्रक्रिया में लोगों का समय और धैर्य दोनों टूट जाते हैं।
जावद विधानसभा क्षेत्र में आने के बावजूद जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर भी सवाल उठ रहे हैं। वर्षों से ओवरब्रिज की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। क्षेत्रवासियों का साफ कहना है कि नयागांव रेलवे फाटक की समस्या का एकमात्र स्थायी समाधान ओवरब्रिज निर्माण ही है।
इनका कहना है
“हाइवे पर रेलवे फाटक नहीं होना चाहिए। इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ता है और नागरिकों को भारी परेशानी होती है। शीघ्र ओवरब्रिज बनाया जाना चाहिए।”
सत्यनारायण ओझा, जावद
“मैं कोर्ट के काम से निम्बाहेड़ा जा रहा था, जाम के कारण एक घंटा लेट हो गया। कतार में दो-तीन एम्बुलेंस भी फंसी हुई थीं।”
शांतिलाल प्रजापत, एडवोकेट, जावद
“जाम के चलते मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। प्रशासन को इसका स्थायी समाधान निकालना चाहिए।”
पूरण चंदेल, पार्षद, जावद
“समस्या को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। जो भी निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।”
— प्रीति संघवी, एसडीएम, जावद
*अब सवाल यह है कि जब यह समस्या रोजाना लोगों की जान पर बन आ रही है, तो नयागांव रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज कब बनेगा*,?


