✍🏻 *(राकेश मालवीय)*
नीमच। पहले कमल राणा व बाद में उसके गुर्गों की गिरफ्तारी हुई। पूछताछ में राणा ने उसकी अंडरग्राउंड मदद करने वाले लोगों तथा पुलिसकर्मियों के नाम उगलना शुरु किए। जिसके बाद राणा की अंडरग्राउंड मदद करने वाले 4 लोगों को राजस्थान पुलिस सुबह करीब 4 बजे उनके घर से उठा ले गई। जिसमें भारतसिंह पिता गोविंदसिंह आंकली, हस्तीमल पिता रमेशचंद्र सुथार, तूफान पिता भवानीसिंह सोंधिया तथा सुदीप पिता शिवनारायण पाटीदार शामिल है। इन चारों से राजस्थान पुलिस ने कड़ी पूछताछ की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। चारों को अलग-अलग कमरे में ले जाकर इंटेरोगेशन की गई। जिसमें उन्होंने पर्दे के पीछे रहकर कमल राणा की मदद करने वाले पुलिसकर्मियों के नाम उगल दिए। सूत्र बता रहे है कि नीमच पुलिस की गोपनीय जानकारियां कमल राणा तक पहुंचाने के मामले में आरक्षक देवेंद्र चौहान मास्टर माइंड है। मास्टर माइंड देवेंद्र चौहान शुरुआती दिनों से ही कमल राणा तक पुलिस गोपनीय जानकारियां पहुंचाता था। देवेंद्र चौहान समय-समय पर अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए मोबाइल से अपनी पहचान छुपाता रहा। देवेंद्र चौहान को सामान्य लोगों पहचान नहीं पाए इसके लिए वह बार-बार मोबाइल से अपनी मूल पहचान मिटा देता था। समय-समय पर मोबाइल पर प्रदर्शित होने वाली पहचान को बदलता रहा। सूत्र बता रहे है कि देवेंद्र चौहान अपने मिलने वालों तथा रिश्तेदारों के मोबाइल के जरिए कमल राणा से हमेशा संपर्क में रहता था। इसके अलावा देवेंद्र चौहान ने कुछ फर्जी सिम कार्ड का उपयोग भी किया। यही कारण है कि मास्टर माइंड देवेंद्र चौहान आज तक बचता आया। हालांकि कमल राणा तथा उसके लिए अंडरग्राउंड काम करने वाले लोगों ने राजस्थान पुलिस के सामने उसकी सारी पोल पट्टी खोली है। साथ ही देवेंद्र चौहान के काम करने के अवैध तरीकों से भी राजस्थान पुलिस को अवगत कराया है। पिछले 1 साल से देवेंद्र चौहान बड़े ही गुप्त तरीके से कमल राणा के संपर्क में था। कहने को देवेंद्र चौहान पुलिस आरक्षक था, लेकिन हकीकत में कमल राणा के लिए काम करता था। जिसके लिए उसे अच्छी, खासी मोटी रकम मिलती थी।
*क्राइम पेट्रोल व सीआईडी देखकर बताता था गोपनीय जानकारियां-*
सूत्र यह भी बता रहे है कि देवेंद्र चौहान बड़ा ही शातिर है। वह पहचान उजागर न हो इसके लिए क्राइम पेट्रोल तथा सीआईडी देखता था। कमल राणा व उसके साथियों से संपर्क करने के लिए उक्त दोनों सीरियल में दिखाई जाने वाली तकनीक का उपयोग करता था।
*हर बार बदलता था सिम व मोबाइल-*
यह भी बताया जा रहा है कि मास्टर माइंड देवेंद्र चौहान कमल राणा तथा उसके साथियों से संपर्क करने के बाद हर बार सिम कार्ड व मोबाइल बदलता था, ताकि समय आने पर वह आसानी से बच सके और इसके खिलाफ कोई भी इलेक्ट्रॉनिक सबूत न मिल पाए।
*केसरीमल कुमावत व हस्तीमल सुथार के सपंर्क में थे ये पुलिसकर्मी-*
फिलहाल राजस्थान पुलिस की अपडेट पर नीमच पुलिस ने 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है, लेकिन कमल राणा का मादम पदार्थ तस्करी में सहयोग करने वाले सह आरोपियों की डिटेल खंगाली जाए, तो और चौंकाने वाले खुलासे होंगे, क्योंकि जीरन थाने पर पदस्थ कई पुलिसकर्मी आरोपी केसरीमल कुमावत व हस्तीमल सुथार के संपर्क में थे। जिनमें प्रमुख रुप से विवेक तथा राजेंद्र के अलावा मिर्ची से लूटकांड में बदनाम एक पुलिसकर्मी भी शामिल है। साथ ही इन तीनों पुलिसकर्मियों के तस्करों के साथ कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें भी सामने आई है।
नीमच पुलिस विभाग की गोपनीय जानकारियां कमल राणा तक पहुंचाने वाला मास्टर माइंड निकला देवेंद्र चौहान
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