नीमच।हर साल मकर संक्रांति के में एक खतरनाक और दुखद परंपरा बन चुकी है, चाइनीज मांझे से होने वाली दुर्घटनाएं। इस दिन होने वाली पतंगबाजी के दौरान चाइनीज मांझा न केवल कई लोगों की जान लेता है, बल्कि यह सैकड़ों पक्षियों के लिए भी घातक साबित होता है। पिछले कुछ सालों में इन हादसों में वृद्धि हुई है। हर साल प्रदेश में 100 से 200 तक हादसे होते हैं, नीमच के जावद में पिछले दिनों एक हादसा हो चुका है हर बार जिनमें बाइक सवार, राहगीर और बच्चे शामिल होते हैं। साल दर साल 5-10 मौतें व हादसे इस धारदार और खतरनाक मांझे के कारण होती हैं, इनमें अधिकतर मौतें गले कटने या गंभीर चोटों के कारण होती हैं। मांझे की बिक्री पर कई बार रोक लगाने के बावजूद यह विक्रेताओं के लिए एक आम कमाई का जरिया बन चुका है। चाइनीज मांझा विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से नीमच में पहुंच रहा है और यह अवैध रूप से ऑनलाइन बेचा जा रहा है। विक्रेता अब इस धंधे को इतनी सफाई से चला रहे हैं कि पुलिस या प्रशासन की कार्रवाई से बचने के लिए वे डिजिटल पेमेंट की बजाय कैश ऑन डिलीवरी की सुविधा दे रहे हैं। इससे न केवल पुलिस के लिए यह ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है, बल्कि यह अवैध व्यापार भी फल-फूल रहा है। हालांकि, मकर संक्रांति से पहले बाजारों में चाइनीज मांझे पर प्रशासन सख्त नहीं दिखाइए दी।

मिली जानकारी के अनुसार, कई लोग वेबसाइट्स और सोशल मीडिया साइट्स के माध्यम से चीनी मांझे का व्यापार कर रहे हैं। इन मांझों की कीमतें 500 रुपए से शुरू हो रही हैं और संक्रांति के करीब आते ही दुकानदार ग्राहकों से पहले से ऑर्डर लेने के लिए कह रहे हैं, ताकि कीमत में भी बढ़ोतरी की जा सके। इंटरनेट पर ‘ऑनलाइन पतंग डोरी’ जैसी वेबसाइट्स और विभिन्न व्हाट्सएप नंबरों के जरिए चीनी मांझे की बिक्री हो रही है। नीमच शहर के बाजारों में भी चोरी-छिपे चीनी मांझा बिक रहा है, जो खास कोड वर्ड के तहत बेचा जा रहा है। दुकानदारों का कहना है कि यह मांझा अब साधे कागजों में बेचा जा रहा है, ताकि यह नजर से छिपा रहे। की हमने खुद कई दुकानों से यह मांझा खरीदा और पाया कि यह चीनी मांझा नायलॉन के धागे में मैटेलिक पाउडर मिलाकर तैयार किया जाता है। इस धागे में कांच और लोहे का पाउडर पीसकर उसे धारदार बनाया जाता है, जिससे यह बहुत खतरनाक हो जाता है।

पिछले कुछ सालों में संक्रांति के आसपास दिनों में हादसे हुए है। यह मांझा अपनी तेज धार और मजबूती के कारण पतंगों को ज्यादा ऊंचा उड़ाने में मदद करता है, लेकिन साथ ही इसके उपयोग से हो रहे हादसों की संख्या में भी खासी बढ़ोतरी हो गई है। पिछले माह जावद एक बच्चे की गर्दन में मांझा फंसने से बच्चा गंभीर घायल हो गया था।