नीमच। नीमच जिले के मनासा क्षेत्र में गिलियन- बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के संदिग्ध मामलों को लेकर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। बीमारी की चपेट में आकर दो मासूम बच्चों की मौत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है। इस संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि मनासा क्षेत्र में जीबीएस के सात अन्य संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिससे क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है। कांग्रेस ने जिले में न्यूरो विशेषज्ञ की नियुक्ति, जीबीएस जांच की समुचित सुविधा उपलब्ध कराने, महंगे इंजेक्शन (आईवीआईजी) को निशुल्क उपलब्ध कराने, प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा डोर-टू-डोर सर्वे अभियान तेज करने की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिले में उपचार की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों को बाहर रेफर किया जा रहा है, जो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए भारी आर्थिक बोझ साबित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। इसके साथ ही नीमच जिले में दूषित पेयजल की आपूर्ति न हो, इसे लेकर भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के दौरान जिले भर से कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। ज्ञापन का वाचन जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने किया।