नीमच। मध्यप्रदेश के नीमच जिले के जीरन थाना क्षेत्र अंतर्गत चीताखेड़ा गांव में बुधवार को सामने आया रिवाल्वर की नोक पर लूट का मामला महज एक दिन में फर्जी साबित हो गया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि महिला ने खुद ही अपने सोने-चांदी के आभूषण बाजार में बेच दिए थे और पति से बचने के लिए लूट की झूठी कहानी गढ़ी।
चीताखेड़ा गांव के मांगरिया मोहल्ला निवासी चंदाबाई पति डॉ. कन्हैयालाल परमार ने बुधवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे पुलिस को सूचना दी थी कि तीन लोग इलाज के बहाने घर आए, पानी मांगा और फिर रिवाल्वर दिखाकर तिजोरी में रखे आभूषण व नकदी लूटकर फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही चीताखेड़ा चौकी प्रभारी राजेंद्र सिंह सिसौदिया जांच में जुटे। प्रारंभिक पूछताछ में महिला की कहानी संदिग्ध लगी। आसपास के लोगों से पूछताछ और तकनीकी जांच में सामने आया कि घटना समय पर घर में कोई बाहरी व्यक्ति आया ही नहीं था। सख्ती से पूछताछ करने पर चंदाबाई ने सच उगल दिया। उसने स्वीकार किया कि उसने पति को बताए बिना गांव के ही एक सुनार को सोने-चांदी के आभूषण बेच दिए थे। बाद में डर के कारण उसने लूट की फर्जी कहानी बना दी।
महिला द्वारा लूट में बताए गए सामान में — एक किलो चांदी के आभूषण,
दो जोड़ी पायजेब,
एक कंदोरा,
दो तोला सोने के आभूषण (टीका, मंगलसूत्र, अंगूठी, झुमके)
और 4 हजार रुपये नकद शामिल थे।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।