नीमच। जिले में अपराधियों और रसूखदारों की गुंडागर्दी के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मनासा के बहुचर्चित धोखाधड़ी मामले में फरार चल रहे आरोपी सुनील शर्मा द्वारा एक पत्रकार को जान से मारने की धमकी देने का मामला अब गरमा गया है। जिला युवा प्रेस क्लब के जिलाध्यक्ष राकेश मालवीय की शिकायत पर पुलिस कप्तान (SP) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एक्शन के निर्देश दिए हैं।
*खबर से बौखलाया आरोपी, पत्रकार को दी देख लेने की धमकी-*
मामला 28 जनवरी को प्रकाशित एक खबर से जुड़ा है, जिसमें मनासा थाने में दर्ज जालसाजी (धारा 420, 467, 120-बी) के आरोपियों का पर्दाफाश किया गया था। इस खबर से मुख्य आरोपी सुनील शर्मा और उसके साथी इस कदर बौखला गए कि उन्होंने पत्रकार राकेश मालवीय को फोन पर धमकाना शुरू कर दिया। बुधवार को आशीष शर्मा नामक व्यक्ति ने सुनील शर्मा का हवाला देते हुए पत्रकार पर समझौते का दबाव बनाया और इनकार करने पर झूठे केस में फंसाने व गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
*SP का सख्त एक्शन: थाना प्रभारी को दिए तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश-*
पत्रकार राकेश मालवीय ने जब इस पूरे घटनाक्रम और कॉल रिकॉर्डिंग के साथ पुलिस अधीक्षक (SP) से मुलाकात की, तो प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। एसपी ने इस मामले को प्रेस की आजादी पर हमला मानते हुए तत्काल मनासा थाना प्रभारी को फोन कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और फरार सुनील शर्मा की लोकेशन ट्रेस कर उसे जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस ने पत्रकार को आश्वस्त किया है कि जिले में किसी भी अपराधी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पुलिस अब उन मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाल रही है, जिनसे धमकियां दी गई थीं।
*जालसाज सुनील शर्मा की अब खैर नहीं-*
पुलिस रिकॉर्ड में लंबे समय से फरार चल रहा सुनील शर्मा अब पुलिस के दोहरे घेरे में है। एक तरफ उस पर धोखाधड़ी का पुराना मामला है, तो दूसरी तरफ पत्रकार को धमकाकर उसने खुद के लिए नई मुसीबत खड़ी कर ली है। एसपी के कड़े निर्देश के बाद पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। माना जा रहा है कि सुनील शर्मा और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद जिले के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।


