नीमच । नीमच जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह राठौड़ भाटखेड़ा ने पासपोर्ट बनवाने में नीमच जिले के नागरिकों को हो रही भारी परेशानी का उल्लेख करते हुए कहा कि हर मामले की तरह साँसद द्वारा पासपोर्ट सेवा केंद्र के लिए भी मंदसौर को ही तरजीह देने के कारण आवश्यकता , पात्रता और हर प्रकार की अनुकूलताओं के बावजूद नीमच में पासपोर्ट केंद्र नहीं खुल पा रहा है । उन्होंने सवाल किया कि जब एक संसदीय क्षेत्र में दो मेडिकल कॉलेज , तीन टीवी और आकाशवाणी केंद्र स्थापित हो सकते हैं तो दो पासपोर्ट सेवा केंद्र की स्वीकृति क्यों सम्भव नहीं हैं..?यहां जारी एक बयान में श्री राठौड़ ने कहा कि , हाल के दिनों में यह तथ्य सामने आया है कि , नीमच सहित जिले के नागरिकों को पासपोर्ट बनवाने के लिए रतलाम , इंदौर और राजस्थान के समीपस्थ चितौड़गढ़ पासपोर्ट सेवा केंद्र पर बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं । रतलाम एवं इंदौर में जहां उपस्थिति के लिए बहुत लंबी वेटिंग अवधि है वहीं चितौड़गढ़ में तैनात कर्मियों का सहयोगात्मक रवैया नहीं होने से नीमच क्षेत्र के आवेदनों को जयपुर कार्यालय फारवर्ड किया जा रहा है जहां लोगों को अधिक यात्रा समय , श्रम और धन का खामियाजा भोगना पड़ रहा है । श्री राठौड़ ने आरोप लगाया कि जनता को होने वाली इस तरह की परेशानी के लिए सीधे – सीधे क्षेत्रीय साँसद की नीमच पर , मंदसौर को तरजीह देने की पक्षपातपूर्ण नीति ही जिम्मेदार है । उन्होंने कहा कि , तत्कालीन विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज ने पासपोर्ट सुविधा को देश भर में सुगम बनाने के लिए प्रत्येक जिला मुख्यालय पर पासपोर्ट सेवा केंद्र प्रारंभ करने का निर्णय किया था । उनका स्पष्ट निर्देश था कि केंद्र स्थापना में राज्य की राजधानी से दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित जिलों को प्राथमिकता दी जाए । इस कसौटी के मान से मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमा क्षेत्र के नीमच जिले की सबसे पहली प्राथमिकता सहज रूप से थी ।तथ्यात्मक रूप से देखें तो पासपोर्ट बनाने के लिए आवेदकों की संख्या के मान से भी नीमच क्षेत्र अन्य क्षेत्रों की तुलना में आगे हैं । इन बातों से भी बड़ी बात यह है कि नीमच स्थित प्रधान डाकघर भवन परिसर में पासपोर्ट कार्यालय हेतु उपयुक्त स्थान उपलब्ध थी और कोई असहजता की स्थिति में दूसरी ओर तत्कालीन कलेक्टर जितेंद्रसिंह राजे ने भी इस संदर्भ में कलेक्टर भवन में भी पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापना हेतु पर्याप्त कक्ष उपलब्ध करवाने की सहमति व्यक्त कर दी थी ।इस तरह आवश्यकता , पात्रता और अनुकूलताओं के लिहाज से नीमच का दावा पासपोर्ट सेवा केंद्र के लिए सबसे मजबूत था । अगर क्षेत्रीय सांसद अपने ही संसदीय क्षेत्र के नीमच अंचल को लेकर अपेक्षित प्रयास करते तो नीमच में पासपोर्ट सेवा केंद्र बहुत पहले कभी का प्रारंभ हो गया होता । लेकिन उन्होंने हमेंशा की तरह नीमच के बजाय मंदसौर में पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापना को तरजीह दी जबकि वहां अभी तक भी उपयुक्त स्थान तक सुलभ नहीं हो पा रहा है ।श्री राठौड़ ने कहा कि , साँसद और क्षेत्र के अन्य निर्वाचित जन प्रतिनिधियों के उचित समर्थन के अभाव में नीमच में पासपोर्ट सेवा केंद्र का दावा अनुचित रूप से खारिज हो गया और क्षेत्र के नागरिकों को इस सुविधा के लिए रतलाम , इंदौर , चित्तौड़ग़ढ़ एवं जयपुर तक भटकना पड़ रहा है । पात्रता , औचित्य और अनुकूलताओं के बावजूद नीमच की प्राथमिकता का निराधार रूप से खारिज हो जाना स्पष्ट रूप से साँसद सहित अन्य जन प्रतिनिधियों के प्रयासों की कमी का ही मामला है । साँसद जी मेडिकल कॉलेज के मामले में भी ऐसा पक्षपात कर चुके हैं और फिर नीमच की जनता ने संघर्ष कर इस उपलब्धि को हांसिल किया ।

एक संसदीय क्षेत्र में दो मेडिकल कॉलेज सम्भव है तो दो पासपोर्ट सेवा केंद्र में क्या ऐतराज..?

पासपोर्ट सेवा केंद्र के लिए नीमच का पक्ष रखते हुए श्री राठौड़ ने कहा कि , साँसदजी मंदसौर में पासपोर्ट सेवा केंद्र की पैरवी करें इसको लेकर हमारा कोई विरोध नहीं हैं । हम केवल इतना चाहते हैं कि वह नीमच क्षेत्र के प्रति भी अपना कर्तव्य समझे और पक्षपात की नीति छोड़ कर नीमच में भी केंद्र स्थापना के लिए पहल करें । इसमें कोई असहजता नहीं है । जब एक संसदीय क्षेत्र के मंदसौर और नीमच में दो मेडिकल कॉलेज स्थापित हो सकते हैं तो दो पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित होने में क्या दिक्कत हो सकती हैं..?
श्री राठौड़ ने याद दिलाया कि कालांतर में काँग्रेस की तत्कालीन केंद्र सरकार ने एक संसदीय क्षेत्र में एक टीवी और आकाशवाणी केंद्र स्थापना की नीति बनाई थी । तत्कालीन साँसद बालकवि बैरागी जी ने नीमच की महत्ता का उल्लेख करते हुए विशेष प्रयास कर आउट ऑफ वे जाकर मंदसौर के साथ – साथ नीमच में भी दोनों केंद्रों को मंजूर करवाये थे और एक ही दिन शुरू भी करवाये । बाद में जावरा में भी यह सुविधाएं प्रारम्भ करवा दी थी । बेहतर होगा कि मौजूदा साँसद भी बैरागी दादा से सबक लेते हुए मंदसौर के साथ नीमच में भी पासपोर्ट केंद्र के लिए प्रयास करें । ऐसा नहीं होता है तो युवा कांग्रेस नीमच के हितों के लिए आंदोलन करेगी ।