जावद के सुवाखेड़ा गांव के 18 वर्षीय बबलू डांगी ने अपनी कला से एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने 2 लाख बासमती चावल के दानों से तिरुपति बालाजी की कलाकृति बनाई है। इस उपलब्धि के लिए उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है।बबलू वर्तमान में इंदौर में आर्ट एंड क्राफ्ट की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने इस कलाकृति को बनाने में 7 दिन का समय लिया। प्रतिमा को तैयार करने के लिए उन्होंने चावल के दानों को 5 अलग-अलग एक्रेलिक रंगों में रंगा और एक साधारण ड्रॉइंग शीट पर सजाया। इस पूरे काम में उन्होंने रोजाना 4 घंटे की मेहनत की और कुल 500 रुपए का खर्च आया। बबलू के पिता आंध्र प्रदेश में पानी पूरी का ठेला लगाते हैं। इस उपलब्धि के लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की ओर से उन्हें सर्टिफिकेट और मेडल से सम्मानित किया है। बबलू का अगला लक्ष्य नीमच की प्रसिद्ध भादवा माता की कलाकृति बनाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराना है। इस उपलब्धि के बाद बबलू को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की ओर से सर्टिफिकेट, मेडल और अन्य सम्मान प्रदान किए गए हैं।