नीमच।आलोरी गरवाड़ा गांव में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला अब और भी तूल पकड़ता जा रहा है। सर्वे नंबर 47 की शासकीय भूमि पर कथित तौर पर 11 दुकानें बनाकर सरकारी नियमों का उल्लंघन करने के आरोपों का सामना कर रहे चुन्नीलाल चारण, महेंद्र चारण और हिम्मत चारण के खिलाफ प्रशासन की सक्रियता से अब वहां पूरी तरह से बौखला गए हैं और प्रशासन को गुमराह करने में लगे हुए हैं। भूमाफियाओं ने जनसुनवाई का मजाक बना कर रख दिया है शिकायतकर्ता राकेश कुमार की 27 मई को दर्ज शिकायत के बाद जावद SDM प्रीति संघवी द्वारा मौके पर मुआयना और कार्रवाई की चेतावनी दी है वही राकेश के अनुसार अब विपक्षी खुद राकेश कुमार के खिलाफ झूठी शिकायतें लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच रहे हैं।राकेश कुमार ने अपनी शिकायत में दावा किया था कि आलोरी गरवाड़ा स्थित सर्वे नंबर 47, जो पूरी तरह से शासकीय भूमि है, पर चुन्नीलाल चारण और उनके बेटों ने मिलकर अवैध रूप से 11 दुकानें बना ली हैं। उनका आरोप है कि सभी राजस्व रिकॉर्ड में यह भूमि सरकारी दर्ज है, इसके बावजूद इस पर कब्जा कर ‘शॉपिंग कॉम्प्लेक्स’ का निर्माण कर लिया गया है शिकायतकर्ता राकेश कुमार ने कई बार इस अवैध कब्जे के खिलाफ शिकायतें की हैं, लेकिन विपक्षीगण के राजनैतिक रसूखदार होने के कारण आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि विपक्षीगण आए दिन विवाद करते हैं और रतनगढ़-जावदा मुख्य मार्ग पर भी कब्जा जमाए हुए हैं, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है।इस मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि विपक्षीगण ने मध्य प्रदेश शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर इन अवैध दुकानों का निर्माण किया है। सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करना स्पष्ट रूप से अवैध है और शिकायत में फर्जी दस्तावेज बनाकर इन योजनाओं का लाभ लेने की बात भी कही गई है, जो अपने आप में एक बड़ा घोटाला प्रतीत होता है।राकेश कुमार द्वारा 27 मई को की गई शिकायत के आधार पर, जावद SDM प्रीति संघवी ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल मौके पर पहुंचकर दुकानों का मुआयना किया। जांच में यह स्पष्ट पाया गया कि दुकानें शासकीय जमीन पर ही निर्मित हैं। SDM ने दुकान मालिकों को स्वयं दुकानें हटाने के लिए सख्त निर्देश दिए और ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। मौके पर पटवारी द्वारा पंचनामा भी बनाया गया।प्रशासन की इस सक्रियता और SDM की सीधी चेतावनी से बौखलाकर, आरोपी चुन्नीलाल, महेंद्र और हिम्मत चारण अब पलटवार कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, ये तीनों अब राकेश कुमार के खिलाफ भी अवैध अतिक्रमण को लेकर झूठे आवेदन लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच रहे हैं। और प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं।यह उनकी घबराहट और मामले को भटकाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इस नए मोड़ से यह मामला और भी जटिल हो गया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भू माफिया को लेकर पूरी तरह सख्त दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में प्रदेश की छवि खराब नहीं होने को लेकर सीएम ने दावा किया है। बावजूद प्रशासन को गुमराह करते हुए हिम्मत महेंद्र चुन्नीलाल चरण हर मंगलवार को एक झूठा आवेदन लेकर पहुंच जाते हैं। जबकि एक खुद भू माफिया के नाम से जाने जाते हैं। और प्रशासन को अपनी जेब में रखने की बात करते हैं। अपनी साफ छवि रखने वाले राकेश चरण के खिलाफ अब यह भूमाफिया टारगेट करते हुए उन्हें बदनाम कर रहे हैं। अब देखना यह होगा प्रशासन ऐसे माफियाओं पर क्या कार्रवाई करता है।