दो व्यापारियों के नाम मंडी विभाग को आखिर क्यों थमाने पड़े कारणदर्शी सूचना पत्र

नीमच। चंगेरा स्थित नवीन कृषि उपज मंडी में भूखंडो की खुली नीलामी की अंतिम प्रक्रिया 28 अप्रैल 2025 को थी, जिसमें संबंधित सभी व्यापारियों ने भूखंड नीलामी में हिस्सा लिया था। लेकिन इसी बीच मुंगफली व्यापारियो द्वारा भूखंड आंवटित करने में सांठगांठ के आरोप भी लगे थे, लेकिन इन आरोपो की जांच में पाया गया कि मूंगफली व्यापारियो ने आपसी तालमेल बिठाकर भूखंड नीलामी के दौरान बोली को उच्च स्तर तक नही जाने दिया और आपसी सामंजस में अन्य व्यापारियो की तुलना में इन्हे भूखंड नीलामी के दौरान कुछ हद तक राहत मिल गई।
लेकिन इधर चौकाने वाला मामला सामने आया है कि चंगेरा स्थित नवीन कृषि मंडी में भूखंड नीलामी की प्रक्रिया समाप्त हुए करीब 1 माह बाद मंडी विभाग को आखिर ऐसी क्या याद आ गई कि उन्हे अब दो व्यापारियो को चिन्हित कर कारणदर्शी सूचना पत्र जारी करना पड़ा।
यह था सूचना पत्र
कृषि उपज मंडी विभाग की और से दो व्यापारियो को चिन्हित कर थमाए गए नोटिस इस प्रकार है जिसमें लिखा गया है कि उपरोक्त विषयान्तर्गत संदर्भित प्रकाशित समाचार के संबंध में लेख है कि नवीन मंडी प्रांगण डुगलावदा-चंगेरा में दिनांक 28.04.2025 को भू-खण्ड आवंटन नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से की गई थी जिसमें मूंगफली / प्याज के कुल 30 भू-खण्ड में से मूंगफली हेतु निर्धारित भू-खण्ड नीलामी में भाग लेने हेतु आपकी फर्म पात्र होकर आपके द्वारा भाग लिया गया था। निर्धारित भू-खण्ड नीलामी समय के पूर्व आपके एवं मूंगफली क्रेता व्यापारियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से अन्य व्यापारियों (जिन फर्म को भू-खण्ड आवंटन नहीं हुआ) को आर्थिक लाभ देकर उन्हें भू-खण्ड नहीं लेवे इस आशय के लिए राजी कर दिनांक 28.04.2025 को अन्य भू-खण्ड नीलामी की औसत दरों से कम दर पर बोली लगाकर भू-खण्ड कमांक 358 और इसी प्रकार भू—खंड क्रमांक 378 आपको आवंटन की प्रक्रिया में विचाराधीन है।
आपके द्वारा अन्य व्यापारी साथियों से मिलकर कूटरचित योजना बनाकर शासन अथवा मंडी बोर्ड को राजस्व हानि पहुंचाकर धोखाधडी की गई। क्यों न मंडी अधिनियम अथवा उपविधि अनुसार आपकी अनुज्ञप्ति निरस्त अथवा निलंबन की कार्यवाही प्रस्तावित कर स्थानीय पुलिस थाने में आपके द्वारा किये गये छल के लिए धोखाधडी संबंधी प्रकरण पंजीबद्ध किया जावे ?
अतः उक्त संबंध में आप अपना स्पष्टीकरण पत्र प्राप्ति के तीन दिवस में अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर प्रस्तुत करें। स्पष्टीकरण समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने या संतोषजनक नहीं होने पर आपके विरूद्ध उपरोक्तानुसार कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी, जिसकी समस्त जवाबदारी आपकी होगी।
नोटिस बना चर्चा का विषय
जिन दो व्यापारियो को मंडी विभाग ने नोटिस थमाए है वह आज चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि चंगेरा स्थित नवीन मंडी में सभी व्यापारियो ने भूखंड निलामी में हिस्सा लेकर खुली बोली लगाई थी और साथ ही जो व्यापारी आरक्षण के दायरे में आते थे, उन्हे आरक्षित भूखंडो की बोली लगाने के लिए इस प्रक्रिया में सम्मलित किया था। लेकिन यहां जिन दो व्यापारियो को मंडी विभाग ने नोटिस थमाए है वह भी आरक्षित वर्ग से है, ऐसे में उन्हे चिन्हित कर नोटिस थमाया जाना मंडी विभाग के उपर एक बड़ा सवालिया निशान लगा रहा है।